आयकर विभाग ने करदाताओं की सुविधा के लिए ई-कैलकुलेटर लॉन्च किया है। इसके जरिए करदाता अगर छूट और कटौती का लाभ लिए बिना बजट में पेश नए कर स्लैब के तहत आयकर रिटर्न भरना चाहते हैं तो वे अपने कर देनदारी की गणना कर सकेंगे। यह कैलकुलेटर विभाग की बेवसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर उपलब्ध है। बजट में करदाताओं को रिटर्न भरने को लेकर विकल्प दिया गया है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई-कैलकुलेटर में नई और पुरानी आयकर दरों की तुलना भी की गई है। इसकी मदद से करदाता यह देख पाएंगे कि पुरानी और नई कर व्यवस्था में उन्हें कितना कर देना होगा। यह व्यक्तिगत करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2020-21 की आयकर गणना करेगा। विभिन्न श्रेणी के करदाता इलेक्ट्रॉनिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने में वेब पोर्टल का इस्तेमाल करते हैं।
ई-कैलकुलेटर की मदद से आम करदाता (60 साल से कम), वरिष्ठ नागरिक (60-79 साल) और अति वरिष्ठ नागरिक (79 साल से अधिक) सभी स्रोत से अपनी सालाना आय, कुल कटौती और छूट की गणना कर यह पता लगा सकते हैं कि पुरानी या नई व्यवस्था में उनकी देनदारी कितनी बनेगी।
नई कर व्यवस्था में प्रावधान
बजट में व्यक्तिगत आयकर की नई व्यवस्था में 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसदी, 5 से 7.5 लाख रुपये पर 10 फीसदी और 7.50 से 10 लाख रुपये पर 15 फीसदी की दर से कर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, 10 लाख से 12.5 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी, 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
वर्तमान व्यवस्था में मिलती है छूट
मौजूदा कर व्यवस्था में 50,000 रुपये की कटौती और आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत एलआईसी प्रीमियम एवं भविष्य निधि समेत विभिन्न बचत योजनाओं में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट मिलती है। इसमें करदाताओं को अपनी आय के हिसाब से 5 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी की दर से कर का भुगतान करना पड़ता है।