आयकर विभाग ने माल व सेवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति करने वाली बाहरी ई कॉमर्स कंपनियों पर लगे समानीकरण शुल्क भुगतान के लिए कर चालान के प्रारूप में बदलाव किया है। समानीकरण शुल्क व्यवस्था को 2020-21 के बजट में प्रस्तावित किया गया था। जो अप्रैल 2020 से प्रभावी हुआ है। पहली किस्त का भुगतान 7 जुलाई तक होना है। दो दर्जन से अधिक अप्रवासी कंपनियां इसके दायरे में आएंगी।
अप्रवासी कंपनियाें की ई कॉमर्स आपूर्ति या सेवा पर दो फीसदी कर लगेगा। आयकर विभाग ने इस कर की पहली किस्त के भुगतान में सहूलियत देने के लिए समान शुल्क भुगतान चालान आईटीएनएस 285 में बदलाव किया है। संशोधित चालान में ‘कटौती करने वाले के प्रकार’ में ‘ई-कॉमर्स आपूर्ति या सेवा प्रदान करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां’ जोड़ी गई हैं।
साथ ही चालान में कटौती करने वाले के पैन को भी अनिवार्य बनाया गया है। इसके अलावा पता संबंधी जानकारी में ‘भारत से बाहर’ का विकल्प जोड़ा गया है।