दुनिया के चौथे सबसे बड़े कार बाजार भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की पैठ बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन, स्थानीय स्तर पर बैटरी विनिर्माण, राज्यों के स्तर पर सब्सिडी और जीएसटी दरों में कटौती करनी होगी। देश में ईवी की पहुंच अभी सिर्फ एक फीसदी है।
मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार ने 2030 तक बिकने वाले कुल निजी वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी बढ़ाकर 30 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए यह लक्ष्य 80 फीसदी है। इसे हासिल करने के लिए चार्जिंग ढांचे को बेहतर बनाना होगा। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी परंपरागत पेट्रोल-डीजल (आईसीई) वाहनों की जगह ई-वाहनों को अपनाना होगा।
मूडीज ने कहा, हमारा मानना है कि सरकार की विभिन्न पहल से देश में ईवी की पहुंच बढ़ेगी। इनमें उपभोक्ताओं को दिया जाने वाला प्रोत्साहन भी शामिल है। इसके अलावा, एडवांस बैटरी स्टोरेज के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन, जीएसटी में कटौती और राज्यों से मिलने वाली सब्सिडी जैसे कारक भी इसमें मददगार बनेंगे।
...तो शीर्ष पर पहुंच सकता है भारत
भारत 2022 में जापान को पीछे छोड़कर चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले महीने कहा था कि अगर भारत हाल में जम्मू-कश्मीर में मिले लिथियम भंडार का उपयोग कर सकता है तो वह ई-वाहन श्रेणी में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच सकता है। लिथियम ई-वाहनों के लिए बैटरी बनाने का एक महत्वपूर्ण तत्व है।