अगर आपका पीपीएफ अकाउंट निष्क्रिय हो गया तो आप इसे 15 वर्ष के पहले बंद नहीं करवा सकते हैं। हालांकि खाते के 5 वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। बता दें कि बंद हो चुके पीपीएफ खाते को फिर से एक्टिव मोड में लाने के लिए खाताधारक को संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक एप्लीकेशन देनी होती है। इसमें 50 रुपये वार्षिक जुर्माना और जिस समय से अकाउंट में राशि जमा नहीं की गई है उस अवधि से 500 रुपये सालाना के हिसाब से बकाया राशि जमा करानी होती है।
दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर कर सकते हैं पीपीएफ अकाउंट
खाता धारक चाहे तो पीपीएफ अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस और एक बैंक ब्रांच से दूसरी ब्रांच या दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकता है। ट्रांसफर पर पीपीएफ अकाउंट नया नहीं बल्कि चालू हालत वाला अकाउंट ही माना जाता है।
ऐसे निकाल सकते हैं अपने पीपीएफ अकाउंट रकम का आधा हिस्सा
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) अकाउंट में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है, इसलिए ये फंड तय समय सीमा के बाद ही निकाला जा सकता है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में इसका कुछ हिस्सा निकाला जा सकता है।
ये है नियम-
पीपीएफ अकाउंट से 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है बशर्ते इसके पांच साल पूरे हो गए हों। इसे इस तरह समझें, मान लीजिए 15 फरवरी 2013 को अकाउंट खोला गया था। ऐसे मामले में 50 फीसदी पैसा 2018-19 में ही निकाला जा सकता है।
फॉर्म सी पोस्ट ऑफिस या बैंक में मिल सकता है जहां आपका अकाउंट हो। फॉर्म पर अकाउंट नंबर और निकाली जाने वाली रकम लिखनी होगी और अकाउंट होल्डर का हस्ताक्षक जरूरी है।