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कई सुविधाओं से दूर कर देता है निष्क्रिय पीपीएफ अकाउंट, ऐसे करा सकते हैं फिर से एक्टिव 

Sun, 17 Feb 2019 12:20 PM IST
तिवारी अभिषेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पब्लिक प्रोविडेंट फंड या पीपीएफ लंबी अवधि का प्रमुख निवेश का विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश कई अहम जरूरतों को पूरा करने लिए किया जाता है। हमारे देश में इसे रिटायरमेंट के लिए, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए और बच्चों की शादी आदि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बता दें कि पीपीएफ एक सरकार समर्थित बचत योजना है जो कि फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में ज्यादा ब्याज देती है। इसके साथ ही यह टैक्स सेविंग और फ्यूचर सेविंग्स के लिए मददगार है। 

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इसमें मिलने वाला ब्याज और 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर हासिल होने वाली रकम भी टैक्स फ्री रहती है। पीपीएफ में 500 रुपये के न्यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है। हालांकि कई बार 500 रुपये का न्यूनतम निवेश भी नहीं कर पाने की वजह से पीपीएफ अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है। ऐसा होने पर धारक अकाउंट से जुड़ी सारी सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाता है। 

मैच्योरिटी पीरियड तक सक्रिय रखें पीपीएफ अकाउंट  
निष्क्रिय पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी डेट से पहले बंद नहीं कराया जा सकता है। हालांकि अगर बैंकों में खुला अकाउंट सक्रिय रहता है तो उसे बेहद जरूरी परिस्थितियों में बंद कराया जा सकता है। इसके अलावा अगर पीपीएफ अकाउंट के 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं तो भी इसे बंद कराया जा सकता है। लेकिन पोस्ट ऑफिस में खुला पीपीएफ अकाउंट बंद नहीं कराया जा सकता है। 
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न ट्रांजैक्शन, न लोन
खाताधारक पीपीएफ अकाउंट के 6 साल पूरे होने पर 7वें साल से आंशिक निकासी कर सकता है। लेकिन अगर अकाउंट चालू नहीं है तो यह सुविधा धारक को नहीं मिलती। इसके साथ ही इस अकाउंट में लोन भी नहीं लिया जा सकता। जबकि अकाउंट सक्रिय रहने के दौरान 3 फाइनेंशियल ईयर पूरे होने के बाद इस पर लोन लिया जा सकता है। 

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बंद हो चुके पीपीएफ अकाउंट को ऐसे कराएं फिर से चालू 

अगर आपका पीपीएफ अकाउंट निष्क्रिय हो गया तो आप इसे 15 वर्ष के पहले बंद नहीं करवा सकते हैं। हालांकि खाते के 5 वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। बता दें कि बंद हो चुके पीपीएफ खाते को फिर से एक्टिव मोड में लाने के लिए खाताधारक को संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक एप्लीकेशन देनी होती है। इसमें 50 रुपये वार्षिक जुर्माना और जिस समय से अकाउंट में राशि जमा नहीं की गई है उस अवधि से 500 रुपये सालाना के हिसाब से बकाया राशि जमा करानी होती है।

दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर कर सकते हैं पीपीएफ अकाउंट 
खाता धारक चाहे तो पीपीएफ अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस और एक बैंक ब्रांच से दूसरी ब्रांच या दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकता है। ट्रांसफर पर पीपीएफ अकाउंट नया नहीं बल्कि चालू हालत वाला अकाउंट ही माना जाता है। 

ऐसे निकाल सकते हैं अपने पीपीएफ अकाउंट रकम का आधा हिस्सा

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) अकाउंट में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है, इसलिए ये फंड तय समय सीमा के बाद ही निकाला जा सकता है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में इसका कुछ हिस्सा निकाला जा सकता है। 

ये है नियम-

पीपीएफ अकाउंट से 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है बशर्ते इसके पांच साल पूरे हो गए हों। इसे इस तरह समझें, मान लीजिए 15 फरवरी 2013 को अकाउंट खोला गया था। ऐसे मामले में 50 फीसदी पैसा 2018-19 में ही निकाला जा सकता है।  

फॉर्म सी पोस्ट ऑफिस या बैंक में मिल सकता है जहां आपका अकाउंट हो। फॉर्म पर अकाउंट नंबर और निकाली जाने वाली रकम लिखनी होगी और अकाउंट होल्डर का हस्ताक्षक जरूरी है। 
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