वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सही समय पर तुरंत कदम उठाते हुये समाज के कमजोर तबके को कुछ ही हफ्तों में 3.9 अरब डॉलर (30 हजार करोड़ रुपये) वितरित किये हैं। उन्होंने बताया कि यह आवंटन डिजिटल तकनीक के जरिये सीधे लाभार्थी के खाते में किया गया है। इसके कारण लाभार्थियों को सार्वजनिक जगहों पर एक साथ पहुंचने से बचाया गया।
वित्त मंत्री ने यह जानकारी जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंक के गवर्नरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई दूसरी बैठक में दी। दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी से फैले संकट के बीच हुई इस बैठक में सीतारमण ने लोगों की जिंदगियों और उनकी जीविका बचाने के साथ वृहद आर्थिक स्थायित्व को बनाए रखने में वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंकों की भूमिका पर गौर किया।
वित्त मंत्रालय के प्रेस रिलीज के मुताबिक, वित्त मंत्री ने बैठक में अपने संबोधन में भारत सरकार की तरफ से समाज के कमजोर तबके को तुरंत, सही समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिये किये गये उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक कुछ ही हफ्तों में भारत ने 32 करोड़ से अधिक लोगों को 3.9 अरब डॉलर की वित्तीय मदद उपलब्ध कराई गई है। ऐसा करते हुए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसका सीधा फायदा लाभार्थियों को हुआ। इससे उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचने से रोका जा सका।’’
वित्तमंत्री सीतारमण ने इस मौके पर यह भी कहा कि भारत सरकार और रिजर्व बैंक और अन्य नियामकों की तरफ से उठाये गये मौद्रिक नीतिगत उपायों से बाजार में ठहराव आने से रोकने और रिण प्रवाह को संचालित करने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि इन उपायों में 50 अरब डॉलर का तरलता समर्थन, रिण उपलब्धता के लिये नियामकीय और निरीक्षणीय उपाय, कर्ज भुगतान की किस्तों पर रोक लगाने, कार्यशील पूंजी के वित्तपोषण और इस प्रकार के वित्तपोषण पर ब्याज भुगतान को आगे के लिये टालने जैसे कई कदम उठाये गये हैं।