वित्त मंत्रालय ने बताया कि सात साल में व्यक्तिगत आयकर संग्रह भी 4.31 लाख करोड़ बढ़ा है। 2014-14 में यह संग्रह 2.65 लाख करोड़ था, जो 2021-22 में बढ़कर 6.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में व्यक्तिगत आयकर सात साल में 0.83 फीसदी बढ़कर 2021-22 में 2.94 फीसदी पहुंच गया। 2014-15 में यह 2.11 फीसदी रहा था।
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यह बताता है कि मौजूदा सरकार के प्रयासों से देश में करदाताओं का आधार बढ़ा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ समीक्षा बैठक में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कर आधार बढ़ाने को लेकर उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि सात साल में व्यक्तिगत आयकर संग्रह भी 4.31 लाख करोड़ बढ़ा है। 2014-14 में यह संग्रह 2.65 लाख करोड़ था, जो 2021-22 में बढ़कर 6.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
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मंत्रालय के मुताबिक, लाभांश व ब्याज, प्रतिभूति, म्यूचुअल फंड जैसे वित्तीय लेनदेन के ब्योरे (एसएफटी) से नए आंकड़े लेने और जीएसटीएन से मिलने वाली सूचना में 1,118 फीसदी का इजाफा हुआ है।