फैक्ट्रियों में ठप हुआ उत्पादन
मांग न होने की वजह से कई देशों ने अपनी फैक्ट्रियों में उत्पादन को बिलकुल बंद कर दिया है। कंपनियों के पास पुराना स्टॉक ही इतना ज्यादा पड़ा हुआ है कि उसको निकालने में अभी काफी समय लगने की उम्मीद है।
ऑटो सेक्टर का बुरा हाल
चीन और भारत में ऑटो सेक्टर का बुरा हाल देखने को मिला है। भारत में लगातार तीसरा महीना है, जब गाड़ियों की बिक्री में कमी देखने को मिली है। ऐसा ही हाल चीन का भी है। जून के आंकड़ों के मुताबिक चीन में वाहनों की बिक्री में 9.6 फीसदी की गिरावट आई है। चीन में पिछले 12 महीने से गाड़ियों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
20.6 लाख वाहन तक गिरी बिक्री
चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (CAAM) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक गाड़ियों की बिक्री गिर कर 20.6 लाख वाहन तक पहुंच गई है। इस साल अप्रैल में 16.4 फीसदी और मई में 14.6 फीसदी की गिरावट आई थी। माना जा रहा है धीमी आर्थिक विकास दर और अमेरिका से चल रही ट्रेड वार के चलते यह गिरावट आ रही है।
भारत में ऑटो कंपनियों के संगठन सियाम की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जून में यात्री वाहनों की बिक्री 17.54 प्रतिशत घटकर 2,25,732 यूनिट्स की रही। जबकि साल जून, 2018 यह आंकड़ा 2,73,748 यूनिट था।
सिंगापुर का घट गया निर्यात
सिंगापुर की अर्थव्यवस्था में निर्यात का काफी महत्वपूर्ण स्थान है। यह कुल जीडीपी का 176 फीसदी है। पिछले कुछ महीनों से यह काफी कम हो गया है और 2013 के स्तर पर पहुंच गया है। सिंगापुर के वित्त मंत्री हेंग स्वी कीट ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि सरकार ने इस बार जीडीपी के 1.5 फीसदी से 2.5 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद जताई है। सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है।
सिंगापुर का डॉलर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1 फीसदी गिर गया है।
वैश्विक जीडीपी में 20 बीपीएस की कटौती
मॉर्गन स्टेनली ने मंदी की आहट को देखते हुए वैश्विक जीडीपी में 20 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है। एजेंसी ने 2019 के लिए तीन फीसदी और 2020 के लिए विकास दर को 3.2 फीसदी रखा है।