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Price Row: कांग्रेस सांसद ने आठ जरूरी दवाओं की कीमत बढ़ाने के फैसले पर उठाया सवाल, पीएम को पत्र लिख की यह मांग

Sat, 02 Nov 2024 02:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Price Row: तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कुछ जरूरी दवाओं की कीमत बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैं आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूं और ऐसे समाधान की उम्मीद करता हूं जिसमें हमारे नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी जाए। आइए जानते हैं सांसद ने पत्र में फैसले के औचित्य पर क्यों सवाल खड़ा किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण की ओर से हाल ही में आठ सामान्य रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की कीमतें बढ़ाने के फैसले पर चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही टैगोर ने मूल्य वृद्धि के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए एक स्वतंत्र समीक्षा समिति गठित करने की मांग भी की।

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पत्र में टैगोर ने कहा कि वे राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) की ओर से हाल ही में लिए गए उस निर्णय से चिंतित हैं, जिसमें आठ सामान्य रूप से प्रयुक्त दवाओं के अधिकतम मूल्य में 50 प्रतिशत की वृद्धि बात कही गई ळै। तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद ने कहा, "हालांकि मैं समझता हूं कि सरकार ने इस वृद्धि के लिए 'असाधारण परिस्थितियों' और 'सार्वजनिक हित' का हवाला दिया है, लेकिन मेरा मानना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे तर्क को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।"

टैगोर ने कहा, "इस मूल्य वृद्धि से अस्थमा, तपेदिक, बायपोलर डिजॉर्डर और ग्लूकोमा जैसी बीमारियों के लिए महत्वपूर्ण दवाएं प्रभावित होंगी, जो लाखों लोगों के लिए जरूरी हैं।"उन्होंने कहा कि कई मरीज और उनके परिवार वाले पहले से ही आवश्यक उपचार प्राप्त करने में वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। टैगोर ने कहा कि दवाओं की कीमतों में अचानक वृद्धि से इन व्यक्तियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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उन्होंने 25 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा, "मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह उन असाधारण परिस्थितियों के बारे में अधिक विस्तृत स्पष्टीकरण दे, जिनके कारण मूल्य वृद्धि आवश्यक हो गई। इसके अलावा, मैं मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर इस वृद्धि के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए एक स्वतंत्र समीक्षा समिति की स्थापना का प्रस्ताव करता हूं।"

उन्होंने कहा कि ऐसी समिति भविष्य की मूल्य निर्धारण नीतियों के लिए सिफारिशें दे सकती है, जो उद्योग की व्यवहार्यता और सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाए रखेगी। टैगोर ने जोर देकर कहा, "इस निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। गहन समीक्षा से सूचित नीतियां बनाई जा सकती हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक दवाएं सभी के लिए सस्ती और सुलभ बनी रहें।" कांग्रेस नेता ने कहा, "मैं आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूं और ऐसे समाधान की उम्मीद करता हूं जिसमें हमारे नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी जाए।"

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