वित्त वर्ष 2019 में देश के 20 राज्यों में भ्रष्टाचार 10 फीसदी कम हुआ है। इंडिया करप्शन सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कार्यों में रिश्वतखोरी पर कुछ हद तक लगाम लग गई है।
सर्वे में 248 जिलों के 1,90,000 लोगों से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर के सवाल पूछने पर 51 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने पिछले 12 महीनों में एक बार रिश्वत जरूर दी है। इस सर्वे को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया ने किया था। यह एक गैर राजनीतिक, स्वतंत्र और गैर सरकारी भ्रष्टाचार रोधी संगठन है।
31 जनवरी 2019 को जारी की थी ये रिपोर्ट
ग्लोबल वॉचडॉग ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के वार्षिक सूचकांक के अनुसार भारत 41 अंकों के साथ 78वें नंबर पर है। उसने तीन अंकों का सुधार किया है। वहीं राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बावजूद चीन भ्रष्टाचार की रैंकिंग में ऊपर है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत पड़ोसी देशों से तो बेहतर हुआ है लेकिन भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 2018 की करप्शन इंडेक्स रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत, अर्जेंटीना, आइवरी कोस्ट औप गुयाना जैसे देशों की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। बीते साल भारत को इस रिपोर्ट में 40 अंकों के साथ 81वें नंबर पर रखा गया था। दुनियाभर के 180 देशों की सूची में भारत तीन स्थान के सुधार के साथ 78वें पायदान पर पहुंच गया है। वहीं इस सूचकांक में चीन 87वें और पाकिस्तान 117वें स्थान पर हैं।
बीते दस सालों में ये पहला मौका है जब भारत इस स्थान पर पहुंचा है। साल 2008 के बाद से भारत का प्रदर्शन धीरे-धीरे सुधरता रहा है। चीन 2017 में भारत से ऊपर था लेकिन 2018 में यह फिसलकर 87वें स्थान पर पहुंच गया। जिन देशों को सबसे कम भ्रष्ट माना जाता है, उनके अंक भी इस रिपोर्ट में गिरे हैं।