दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से आर्थिक मदद के लिए बातचीत जारी रहने के बीच इमरान खान सरकार ने अपने दो बड़े अधिकारियों को पद से हटा दिया है।
इमरान सरकार ने पाकिस्तान की केंद्रीय बैंक--स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही सरकार ने फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को कार्यमुक्त कर दिया है। हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
डॉन अखबार में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने एसबीपी के गवर्नर तारिक बाजवा और एफबीआर के चेयरमैन जहांजेब खान को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया है। फैसले के वक्त यह दोनों अधिकारी आईएमएफ की टीम के साथ में बेलआउट पैकेज पर चर्चा कर रहे थे।
सोमवार को आई थी टीम
आईएमएफ की तकनीकि टीम सोमवार को इस्लामाबाद पहुंची थी। यह टीम पाकिस्तान को 800 करोड़ डॉलर की मदद देने पर विचार करने के लिए आई है। हालांकि पाकिस्तान को चीन सहित मित्र देशों से 910 करोड़ डॉलर की मदद मिल चुकी है।
लगेगा झटका
दो महत्वपूर्ण लोगों को पद से हटाने के बाद पाकिस्तान को आईएमएफ से मिलने वाली आर्थिक मदद में झटका लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आईएमएफ की तरफ से मदद मिलती है तो फिर पाकिस्तान की तरफ से एसबीपी के गवर्नर ही हस्ताक्षर करेंगे। बाजवा और जहांजेब ग्रेड 22 लेवल के अधिकारी हैं। माना जा रहा है कि इमरान खान ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर ना लाने के लिए दोनों को जिम्मेदार माना है।