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खुशखबर: त्योहारों से पहले जनता को तोहफा, सरकार ने घटाया खाने के तेलों पर आयात शुल्क

Sat, 11 Sep 2021 02:15 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार खाद्य तेलों की कीमत घटाने के लिए काम कर रही है। हाल ही में सरकार ने कहा था कि खाद्य तेलों के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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खाने का तेल - फोटो : pixabay
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विस्तार
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त्योहारों से पहले सरकार ने जनता को तोहफा दिया है। कोरोना काल में महंगाई से लोग पहले ही परेशान है। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र ने खानों के तेल, जैसे- पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात पर लगने वाली बेस इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। इसके जरिए त्योहारों से पहले रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों की कीमत नीचे आएगी।

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अब इतना लगेगा बेस इंपोर्ट टैक्स
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक अब क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोया ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल  पर लगने वाले बेस आयात शुल्क 2.5 फीसदी हो गया है। जबकि पहले क्रूड पाम ऑयल पर 10 फीसदी और क्रूड सोया ऑयल व सनफ्लावर ऑयल पर 7.5 फीसदी का बेस इंपोर्ट टैक्स लगता था। वहीं रिफाइंड ग्रेड के पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाला बेस आयात शुल्क 37.5 फीसदी से कम होकर 32.5 फीसदी हो गया है।






खानें के तेलों पर कुल इतना लगेगा टैक्स
बेस आयात शुल्क में कटौती के बाद अब क्रूड पाम ऑयल, सोयाऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात पर कुल 24.75 फीसदी टैक्स लगेगा। इसमें 2.5 फीसदी का बेस आयात शुल्क और अन्य टैक्स शामिल हैं। इसी तरह रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात पर अब कुल 35.75 फीसदी का कर लगेगा। इसमें बेस इंपोर्ट टैक्स भी शामिल है।
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छह सालों के निचले स्तर पर रह सकता है खाद्य तेलों का आयात
इस साल रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों का आयात पिछले छह सालों के निचले स्तर पर रह सकता है। इंडस्ट्री बॉडी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के वरिष्ठ एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर डॉ बी वी मेहता के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि की वजह से लगातार दूसरे साल इसमें कमी आ सकती है।

सरकार के इस कदम से तेल की कीमतों में कमी आ सकती है और साथ ही खपत को भी बढ़ावा मिल सकता है। मालूम हो कि भारत वनस्पति तेलों का सबसे बड़ा आयातक है। गौरतलब है कि देश में खाद्य तेलों की दो तिहाई मांग की पूर्ति आयात से होती है। भारत अपनी घरेलू खपत के लिए इंडोनेशिया और मलयेशिया से पाम ऑयल आयात करता है।  

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