कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम लि. के लगभग 94.73 करोड़ रुपये को धोखाधड़ी से दूसरे बैंकों में ट्रांसफर करने के मामले में छह अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है।इतनी बड़ी रकम दूसरे बैंक खातों में स्थानांतरित करने के मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के छह अधिकारियों के खिलाफ कर्नाटक में केस दर्ज किया गया है।
सुसाइड नोट में अधिकारियों के नाम लिखे
कार्रवाई रविवार को निगम के एक अधिकारी की आत्महत्या के बाद हुई। अधिकारी ने सुसाइड नोट में प्रबंध निदेशक जेजी पद्मनाभ, लेखा अधिकारी परशुराम जी दुरुगन्नावे और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक सुचिस्मिता रावल का नाम लिखा था।
एक अधिकारी की आत्महत्या के बाद हुई कार्रवाई
दरअसल, 28 मई को दायर शिकायत में निगम के महाप्रबंधक ए राजशेखर ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एमजी रोड शाखा के प्रबंधन और अन्य पक्षों पर गंभीर धोखाधड़ी गतिविधियों का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि 19 फरवरी को निगम ने अपना खाता वसंतनगर शाखा से राष्ट्रीय बैंक की एमजी रोड शाखा में ट्रांसफर कर दिया। विभिन्न बैंकों और राज्य हुजूर ट्रेजरी खजाने-दो से कुल 187.33 करोड़ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एमजी रोड शाखा के बचत बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पासबुक के वेरिफिकेशन के बाद पाया गया कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर राष्ट्रीय बैंक की तरफ से खाते से 94.73 करोड़ निकाल लिए गए थे।