Core Sector Output: आठ बुनियादी ढांचा क्षेत्रों - कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2023 में 7.6 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2021-22 की वृद्धि दर 10.4 प्रतिशत से कम है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में कोर सेक्टर या प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों का भारांश 40.27 प्रतिशत है।
देश के आठ बुनियादी उद्योगों में उत्पादन की वृद्धि दर मार्च, 2023 में सालाना आधार पर 3.6 फीसदी रही। वृद्धि की यह रफ्तार अक्तूबर, 2022 के बाद पांच माह में सबसे कम है। उस समय बुनियादी उद्योगों में उत्पादन की वृद्धि दर सबसे कम 0.7 फीसदी रही थी।
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सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च, 2022 में इन प्रमुख उद्योगों का उत्पादन 4.8 फीसदी की दर से बढ़ा था। फरवरी, 2023 में इसकी वृद्धि दर 7.2 फीसदी रही थी। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के अंतिम महीने मार्च में कच्चे तेल का उत्पादन 2.8 फीसदी घट गया। बिजली क्षेत्र में 1.8 फीसदी और सीमेंट में 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, कोयला उत्पादन में 12.2 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरक क्षेत्र का उत्पादन 9.7 फीसदी, इस्पात क्षेत्र 8.8 फीसदी, प्राकृतिक गैस 2.8 फीसदी और रिफाइनरी उत्पाद 1.5 फीसदी की दर से बढ़ा। वित्त वर्ष 2022-23 में आठ बुनियादी ढांचा क्षेत्रों - कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2023 में 7.6 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2021-22 10.4 प्रतिशत से कम है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में कोर सेक्टर या प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों का भारांश 40.27 प्रतिशत है।
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कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग और मालिक पर 21 करोड़ जुर्माना
वहीं, पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग कर ग्राहकों के धन की हेराफेरी के लिए सेबी ने शुक्रवार को कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लि. (केएसबीएल) व उसके प्रवर्तक कोमांदुर पार्थसारथी को सात साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, 21 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। सेबी ने आदेश में कहा, पार्थसारथी अगले 10 साल तक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अन्य मुख्य पद पर नियुक्त नहीं हो सकते हैं।