पूरा देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। आजादी का दिन हर देशवासी के लिए खास होता है। लेकिन, आजादी का मतलब सिर्फ बोलने, खाने, घूमने आदि से नहीं है बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने से भी है।
वित्तीय आजादी का मतलब उन आर्थिक फैसलों से हैं, जिससे आप समय से अपनी हर जिम्मेदारी बिना परेशानी के पूरी कर लें। रिटायरमेंट के बाद भी अपना जीवन आराम से गुजार सकें। वित्तीय आजादी के लिए आप ये पांच तरीके अपना सकते हैं।
बचत और निवेश करें
सूझबूझ के साथ अपने खर्चों पर नजर रखें। जहां बचत कर सकते हैं, वहां करें तभी ज्यादा रुपये बचा पाएंगे। बचे हुए रुपये से निवेश करें, जिससे उसमें चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से आपकी कमाई बढ़े। अपने मासिक वेतन का 25-30 फीसदी पैसा बचाने पर ध्यान देना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल
अगर आप क्रेडिट कार्ड रखते हैं तो उसका इस्तेमाल सोच-समझ कर करना चाहिए। कुल लिमिट का 30 फीसदी से ज्यादा खर्च न करें। हर महीने समय पर अपने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का भुगतान करें ताकि आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा रहे।
जरूरी बीमा कराएं
महामारी के दौर में बीमा की महत्ता काफी बढ़ी है। ऐसे में हर व्यक्ति को टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। टर्म इंश्योरेंस से आपके असामयिक निधन पर आपके परिवार को आर्थिक मदद मिल सकेगी। हेल्थ इंश्योरेंस इलाज पर होने वाले खर्च के बोझ से राहत देगा। इसका कवरेज सालाना आय का कम-से-कम 50 फीसदी होना चाहिए।
कर्ज लेने से बचें
जहां तक संभव हो, कर्ज लेने से बचना चाहिए। जरूरत होने पर उतना ही कर्ज लें, जिसका कम समय में भुगतान हो सके। इससे आपको ज्यादा ब्याज नहीं भरना पड़ेगा। कर्ज लेते समय सावधानी बरतें : कर्ज लेने से पहले कई सारी वित्तीय कंपनियों और बैंक के लोन प्लान के बारे में जरूर जानें। फिर आप जहां से कर्ज ले रहे हैं, वहां इसकी भी जांच करें कि वह आपसे कोई छुपे चार्जेस तो नहीं ले रहा है।
स्मार्ट बचत पर दें जोर, खर्चों की लिस्ट बनाएं
वित्तीय आजादी के लिए स्मार्ट तरीके से बचत पर जोर दें। मासिक वेतन का तीन-छह गुना तक बचत करने की कोशिश करें। इसके अलावा, सूची बनाकर ही जरूरी खर्च करें।
-आदिल शेट्टी सीईओ, बैंकबाजार