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सीबीआई का खुलासा, नियमों को ताक पर रख IDBI बैंक ने माल्या को दिया था 950 करोड़ का लोन

Sat, 28 Jan 2017 03:14 PM IST
टीम डिजिट / अमर उजाला, नई दिल्ली
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शराब कारोबारी और बैंक डिफॉल्टर विजय माल्या को आईडीबीआई बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा निर्देशों को परे रखकर माल्या को बैंक लोन पास किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि आईडीबीआई बैंक ने सभी नियमों की अनदेखी करते हुए किंगफिशर एयरलाइंस को दो किस्तों में 950 करोड़ का लोन पास किया था।
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बताया जा रहा कि 1 मार्च 2009 में माल्य ने पहले 750 करोड़ रुपये के लोन के लिए अर्जी की थी। उस समय उनकी संपत्ति 1,395 करोड़ रुपये थी। मगर बाद में लोन के लिए व्यक्तिगत गारंटी के लिए माल्या ने आवेदन किया तो उसकी कुल संपत्ति 285 करोड़ रुपये निकली।

आपको बता दें कि आडीबीआई बैंक के 16 अधिकारी कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। जिन्होनें माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस और उससे जुड़ी कंपनियों का 6,000 रुपये का लोन पास किया था। शराब कारोबारी विजय माल्या इस समय इंग्लैंड में है और उसने भारत वापास आने के लिए मना कर दिया। 
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आईडीबीआई बैंक अधिकारियों सहित 10 लोगों पर चार्टशीट

सीबीआई ने पिछले हफ्ते केएफए और आईडीबीआई बैंक अधिकारियों सहित 10 लोगों के खिलाफ साजिश रचने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चार्टशीट दायर की है। सीबीआई ने कहा कि सौ पेज की ज्यादा चार्टशीट में सभी गवाहों और आरोपीयों के दस्तावेज जमा हैं। सीबीआई की माने तो बैंक के पूर्व सीएमडी योगेश अग्रवाल का भी नाम इस चार्टशीट में है।

1 अक्टूबर 2009 को माल्या ने कॉरपोरेट लोन के रूप में पहले लोन के लिए अप्लाई के किया था। इस लोन के पास होने से पहले ही माल्या ने 150 करोड़ रुपये का दूसरा शॉर्ट टर्म लोन के लिए भी अप्लाई कर दिया। जिसके बाद योगेश अग्रवाल ने माल्या के इस लोन को तुरंत मंजूरी दे दी। जिसको लेकर सीबीआई इन सभी अधिकारियों पर चार्टशीट दायर कर जांच कर रही हैं।

 
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