अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन के आकलन के लिए आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब इसके लिए बेल कर्व तरीके का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों के हितों को सीधे बैंक के प्रदर्शन से जोड़ा जाएगा।
आईसीआईसीआई बैंक ने अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए 'बेल कर्व असेसमेंट' को समाप्त करने का फैसला लिया है। इस प्रदर्शन मूल्यांकन पद्धति में कर्मचारियों को एक बेल यानी घंटी के आकार में सर्वश्रेष्ठ से सबसे खराब पैमाने पर स्थान दिया जाता है। बैंक ने यह फैसला अपनी एचआर नीति में बदलाव के तहत किया है।
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बैंक के इस फैसले का मतलब है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों के लक्ष्यों को इसके इतिहास में पहली बार हटा दिया गया है। वहीं, कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और बोनस को अब सीधे बैंक के प्रदर्शन से जोड़ दिया जाएगा। इस व्यवस्था में अधिकांश कर्मचारियों के लिए वृद्धि समान रहेगी और सीधे बैंक के लाभ से संबंधित होगी।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक की एचआर नीति के पुनर्गठन का फैसला बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संदीप बख्शी की एक पहल के हिस्से के तौर पर किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य 'एक बैंक एक टीम और एक आरओई (रिटर्न ऑन इक्विटी)' पर ध्यान केंद्रित करना है।
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बैंक अच्छा प्रदर्शन करेगा को अपने आप होगा कर्मचारियों को फायदा
जानकारी के अनुसार बैंक ने यह कदम इस विचार पर उठाया है कि सभी कर्मचारी ग्राहकों की मांग को पूरा करने में सक्षम होने चाहिए। कर्मचारियों पर किसी उत्पाद को बेचने के लिए टारगेट की शर्त नहीं होनी चाहिए। इसीलिए यह कदम उठाने का फैसला लिया है। अगर बैंक अच्छा प्रदर्शन करता है तो इसका लाभ सभी कर्मियों को मिलेगा।