ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से देश में डिजिटल साक्षरता तेजी से बढ़ रही है। 2025 तक गांवों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़कर 50.4 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है। शहरों में यह 39 करोड़ तक पहुंच सकती है।देश में स्मार्टफोन ग्राहकों की संख्या 2025 तक 100 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। इससे डिजिटल उद्योग में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक भारत में सभी नए इंटरनेट यूजर्स में से करीब 56 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान होगा। यह डिजिटल परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व होगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र नए इंटरनेट यूजर्स का प्रमुख स्रोत बन गए हैं। 2025 तक नए इंटरनेट यूजर्स में 65 फीसदी महिलाओं के होने की उम्मीद है। यह डिजिटल जुड़ाव में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, गांवों में नए इंटरनेट यूजर्स में 2025 तक 26 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। शहरों इलाकों में 10 फीसदी की मामूली वृद्धि हो सकती है।
80 करोड़ से ज्यादा हैं इंटरनेट यूजर्स
देश में 80 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। शहरों के मुकाबले गांवों में इनकी संख्या ज्यादा है। यह विकास देश के डिजिटल तंत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। 65 फीसदी इंटरनेट यूजर्स अब एप, वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेज फॉरवर्ड और यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल मंचों के जरिये समाचार प्राप्त कर रहे हैं।