भारतीय निवेशक और लोग निराश
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ट्रंप की हालिया टिप्पणियों से भारतीय निवेशक और लोग निराश हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की उनकी घोषणा से यह निराशा और बढ़ गई है। भारत में इस बात से भी नाराजगी है कि ट्रंप ने सुझाव दिया कि दोनों देशों को संघर्ष कम करने के लिए व्यापार की शर्त रखी गई। दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में मदद करने के लिए व्यापार को समझौते के साधन के रूप में इस्तेमाल करना भारत में किसी को भी पसंद नहीं आया। भारत में सभी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि व्यापार मामले पाकिस्तान के साथ सैन्य स्थिति पर बातचीत से जुड़े थे।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अभी भी जारी
टैरिफ को लेकर हालिया तनावों के बावजूद मामले से परिचित लोगों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अभी भी जारी है। दोनों देश समझौते पर पहुंचने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत में एपल का हाल
पिछले कुछ वर्षों में एपल भारत में अपनी विनिर्माण क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। कंपनी फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन जैसे अनुबंध निर्माताओं के जरिए से देश में आईफोन बनाती है। ये कोशिशें इलेक्ट्रॉनिक्स में अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के भारत के लक्ष्य को भी साकार करती हैं। हालांकि, ट्रंप के हालिया बयानों से इस पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
अमेरिका में बिकने वाले 6 करोड़ से ज्यादा आईफोन भारत में बनाने की थी तैयारी
इससे पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि दिग्गज टेक कंपनी एपल अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन का निर्माण अगले साल से भारत में करने की योजना बना रही है। इससे न सिर्फ मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक विनिर्माण हब बनने की दिशा में भारत की स्थिति मजबूत होगी। रिपोर्ट में दावा किया गया था एपल अमेरिका में बिकने वाले 6 करोड़ से ज्यादा आईफोन का उत्पादन 2026 के अंत तक पूरी तरह से भारतीय प्लांट में स्थानांतरित करना चाहती है।
खुदरा बिक्री बढ़ाने पर भी जोर
एपल अपने भारतीय उत्पादन को दोगुना करने के साथ बंगलूरू, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में चार नए स्टोर खोलकर खुदरा बिक्री बढ़ाने करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, कंपनी विनिर्माण और खुदरा क्षेत्र में भूमिकाओं के लिए सैकड़ों भर्तियां करने वाली है। एपल भारत में 3,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।
तीन माह में 30 लाख से अधिक आईफोन निर्यात
एपल ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन के साथ साझेदारी के जरिए भारत में अपना उत्पादन बढ़ाया है। फॉक्सकॉन चीन से उपकरणों का आयात कर भारत में आईफोन बना रही है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म आईडीसी के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 के पहले तीन महीनों में भारत में बने 30 लाख से अधिक आईफोन का निर्यात किया गया। फॉक्सकॉन ने मार्च में 1.31 अरब डॉलर के आईफोन का निर्यात किया। इसमें आईफोन-13, 14, 16 और 16ई जैसे मॉडल भी शामिल थे।
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