सभी निवेश गुरु, चाहे वह वॉरेन बफे हों या हॉवर्ड मार्क्स, वे सभी कहते हैं कि यदि आप कम मूल्य वाले परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करते हैं, तो आप वास्तव में पैसा बनाते हैं। यह कुछ ऐसा है जिसे एक हाइब्रिड फंड करने में सक्षम है, क्योंकि इसके पास हमेशा नकदी होती है। यह सस्ता होने पर कम मूल्य वाले परिसंपत्ति वर्ग में निवेश करने में सक्षम है। इसलिए, हाइब्रिड रणनीतियां बेहतर जोखिम समायोजित रिटर्न दे सकती हैं। इससे निवेश को भी सुरक्षा मिलती है।
निवेशकों की क्षमता के आधार पर करता है निवेश : पूरे बाजार चक्र के दौरान, एक धैर्यवान निवेशक के लिए, हाइब्रिड फंड में निवेश का अनुभव उत्साहजनक हो सकता है, क्योंकि यह ज्यादा परिसंपत्तियों का दृष्टिकोण अपनाता है। इस रणनीति से निवेशकों को बेहतर जोखिम समायोजित रिटर्न उत्पन्न करने में मदद मिलती है। म्यूचुअल फंड में इस उत्पाद का प्रदर्शन बहुत ही शानदार होता है।
जानें...इन पांच प्रमुख श्रेणियों वाले हाइब्रिड फंड के बारे में
रूढ़िवादी : यह फंड पोर्टफोलियो का 10-15 फीसदी इक्विटी में और बाकी 75 -90 फीसदी डेट में निवेश करता है। यह बहुत कम जोखिम लेकिन इक्विटी से थोड़ा लाभ कमाने वालों के लिए है। इस कैटेगरी का एक साल में 9.74 फीसदी, तीन साल में 8.72 और 5 साल में 7.16 फीसदी रिटर्न।
आक्रामक : यह कम से कम 65% और अधिकतम 80% तक इक्विटी में निवेश करता है। 20-35% बॉन्ड और अन्य सुनिश्चित आय वाली प्रतिभूतियों में निवेश करता है। यह ज्यादा जोखिम वालों के लिए ठीक है। इसके बेंचमार्क ने 2022 में 4.8 फीसदी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने 11.7 फीसदी रिटर्न दिया था।
बैलेंस्ड एडवांटेज : यह फंड पोर्टफोलियो का 0-100% इक्विटी में या इतना ही डेट में निवेश कर सकता है। जब मार्च 2020 में कोरोना के बाद सेंसेक्स में गिरावट आई, तो आईप्रू बैलेंस्ड एडवांटेज ने इक्विटी निवेश बढ़ाकर 73.7% कर दी। जब बाजार 60,000 से अधिक के स्तर पर पहुंचा तो फंड ने शुद्ध इक्विटी को 30% से कम कर दिया। कैटेगरी का एक साल में 15.59, तीन साल में 13.79% का रिटर्न।
मल्टी-एसेट अलोकेशन : यह सदाबहार फंड है। इस श्रेणी में आईप्रू ने 2022 में 16.8% और बेंचमार्क ने 5.8% का रिटर्न दिया। इस कैटेगरी ने एक साल में 17.74% तीन साल में 17.93 और पांच साल में 10.22% का रिटर्न दिया।
इक्विटी सेविंग : यह इक्विटी और संबंधित संसाधनों में 65 और डेट में 10% तक निवेश करता है। यह उनके लिए है जो डेट से ज्यादा इक्विटी से कम रिटर्न चाहते हैं। एक साल में 11.32, तीन साल में 11.06 व पांच साल में 7.51 फीसदी का रिटर्न दिया है।
कॉरपोरेट अच्छी स्थिति में, आय में सुधार
भारत का लंबे समय में विकास अच्छा है। कॉरपोरेट अच्छी स्थिति में हैं। आय में सुधार हो रहा है। मजबूत बैंकिंग प्रणाली से बुरे फंसे कर्जों की समस्या अब नहीं है।
- दुनिया में कोई अन्य देश नहीं है जिसके पास अगले दशक के लिए इतनी मजबूत विकास की कहानी है। इन सभी कारणों से भारत का मूल्यांकन दुनिया के मुकाबले ऊंचा है। अब चुनौती उच्च मूल्यांकन की है।
- निवेशकों के लिए यह ऐसा फंड है जो उनकी क्षमता के आधार पर विभिन्न परिसंपत्तियों में निवेश कर जोखिम से बचाता भी और आक्रामक तरीके से रिटर्न भी देता है।
वैश्विक स्तर पर कई सारी समस्याओं, मौद्रिक नीति निर्णयों और कई देशों के बीच तनाव के कारण कुछ चुनौतियां हो सकती हैं। इसलिए, रुक-रुक कर होने वाली अस्थिरता से इन्कार नहीं किया जाना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था अगले दशक में तेजी से बढ़ेगी।
- एस नरेन, ईडी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल