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Trump Gold Card: ट्रम्प का 'गोल्ड कार्ड' अमेरिका में भारतीय छात्रों के लिए खुशखबरी या बुरा सपना, जानिए सबकुछ

Thu, 27 Feb 2025 10:51 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Trump Gold Card: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केवल धनी अप्रवासियों को गोल्ड कार्ड दिए जाने का एलान किया है। हालांकि, ट्रंप के इस फैसले की अलोचना भी शुरू हो गई है। कुल लोग इसे केवल धनी लोगों को फायदा पहुंचाने की कवायद करार दे रहे हैं। कुछ लोग इसके पक्ष में हैं। यह गोल्ड कार्ड अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों पर क्या असर डालेगा, आइए इस बारे में जानते हैं।
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गोल्ड कार्ड - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केवल धनी अप्रवासियों को गोल्ड कार्ड दिए जाने का एलान किया है। हालांकि, ट्रंप के इस फैसले की अलोचना भी शुरू हो गई है। कुल लोग इसे केवल धनी लोगों को फायदा पहुंचाने की कवायद करार दे रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसके पक्ष में हैं। दूसरी ओर, केवल पैसे वाले लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोपों के खिलाफ अपने "गोल्ड कार्ड" प्रस्ताव का ट्रंप ने बचाव भी किया है। अमेरिका के नए गोल्ड कार्ड का भारत से अमेरिका पढ़ने के लिए जाने वाले छात्रों पर क्या असर पड़ सकता है? ट्रंप का यह कदम अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए खुशखबरी है या बुरा सपना? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया- कैसे छात्रों के लिए फायदेमंद गोल्ड कार्ड

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोल्ड कार्ड के बचाव में कहा है कि अमेरिकी कंपनियां भारत जैसे देशों के प्रतिभाशाली छात्रों को रोकने में मदद करने के लिए इस प्रस्तावित गोल्ड कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे अमेरिका में भारत से पढ़ने जाने वाले छात्रों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है। राष्ट्रपति ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली पूर्ण कैबिनेट बैठक के दौरान कहा, "मुझे ऐसी कंपनियों से फोन आते हैं जो स्कूल के नंबर वन छात्र को नौकरी पर रखना चाहती हैं। ऐसे लोग भारत, चीन, जापान, कई अलग-अलग स्थानों से आते है। ये छात्र हार्वर्ड से लेकर व्हार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस, येल, सभी बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं और अपनी कक्षा में नंबर वन बनकर स्नातक होते हैं और उन्हें नौकरी की पेशकश की जाती है।"

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को गोल्ड कार्ड पर दिया यह सुझाव

ट्रम्प ने सुझाव दिया कि कुछ छात्रों की आव्रजन स्थिति पर अनिश्चितता के कारण अमेरिकी कम्पनियों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं की भर्ती करने या उन्हें बनाये रखने में कठिनाई होती है। ऐसे में कंपनियां गोल्ड कार्ड का फायदा उठा सकती हैं और इसका इस्तेमाल कर ऐसी प्रतिभाओं को रोक सकती है। ट्रंप ने कहा, "कई बार ऐसा होता है कि आप्रवासी छात्रों ने नौकरी की पेशकश की, लेकिन उस पेशकश को तुरंत रद्द कर दिया गया क्योंकि आपको (कंपनियों को) पता नहीं होता कि वह व्यक्ति देश में रह सकता है या नहीं। मैं चाहता हूं कि वह व्यक्ति देश में रहे। ये कंपनियां जाकर गोल्ड कार्ड खरीद सकती हैं, और वे इसे भर्ती के मामले में इस्तेमाल कर सकती हैं। उम्मीद है कि हम लगभग दो सप्ताह में इसकी बिक्री शुरू कर देंगे।"

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ट्रंप प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों खास तौर पर सिलिकॉन वैली में स्थित कई कंपनियों ने कथित तौर पर अपने कई पदों को भरने में कठिनाई की शिकायत की थी। उसके बाद ही गोल्ड कार्ड का प्रस्ताव लाया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प, जिन्होंने अवैध प्रवासन पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, ने कहा है कि वह देश में निवेश करने के इच्छुक और प्रतिभाशाली अप्रवासियों का स्वागत करना चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि वे 'गोल्ड कार्ड' को देश का कर्ज चुकाने के लिए धन जुटाने के साधन के रूप में देखते हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 'गोल्ड कार्ड' को व्यवसायों की ओर से अच्छी तरह से इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसकी बिक्री बहुत तेजी से होगी। यह एक सस्ता सौदा है।" 

क्या ट्रम्प का 'गोल्ड कार्ड'?

राष्ट्रपति ने मंगलवार को प्रस्तावित गोल्ड कार्ड कार्यक्रम का अनावरण किया। गोल्ड कार्ड के जरिए अमेरिका में 50 लाख डॉलर का भुगतान करने वाले लोगों को अमेरिकी नागरिकता देने का एलान किया गया है। गोल्ड कार्ड ने अमेरिका में बसने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए एक नया रास्ता खोला है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि यह कार्यक्रम दो सप्ताह में शुरू हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, उन्हें नहीं लगता कि इसे शुरू करने के लिए उन्हें कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत होगी। हालांकि, आव्रजन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे लागू करने के लिए सांसदों की मंजूरी की आवश्यकता पड़ेगी। 

गोल्ड कार्ड के जरूरी मापदंडों को तय करने में जुटा है ट्रंप प्रशासन

ट्रम्प ने कहा कि वे अभी भी गोल्ड कार्ड के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए जांच मापदंडों पर चर्चा कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या चीन जैसे अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों पर प्रतिबंध लगेंगे, ट्रम्प ने कहा कि सीमाएं राष्ट्रीयता-केंद्रित नहीं हो सकती हैं, लेकिन फिर भी ऐसे नियम होंगे कि कौन-कौन इस प्रस्ताव का लाभ उठा सकते हैं।  ट्रम्प ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे पास ऐसे लोग हों जो हमारे देश से प्रेम करते हों और ऐसा करने के लिए सक्षम हों।"

राष्ट्रपति के बगल में बैठे वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि यह कदम मौजूदा ईबी-5 कार्यक्रम का स्थान ले सकता है, जो विदेशी निवेशकों और उनके निकटतम परिवारों को किसी अमेरिकी व्यवसाय में एक निश्चित राशि का निवेश करके और कम से कम 10 अमेरिकी नौकरियों को वित्तपोषित करके स्थायी निवास प्राप्त करने की अनुमति देता है। 

गोल्ड कार्ड प्रस्ताव के तहत पैसे निवेश करने में सक्षम लोग अमेरिकी सरकार को भुगतान कर नागरिकता हासिल कर सकेंगे। ट्रम्प ने कहा है कि इस पैसे का उपयोग ऋण चुकाने के लिए किया जा सकता है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि 10 लाख गोल्ड कार्ड बेचने से 5 ट्रिलियन डॉलर जुटाए जा सकते हैं, लेकिन आव्रजन विशेषज्ञों ने कहा है कि इस कार्यक्रम का फायदा उठाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम होगी।

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