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Housing Sector: रेपो रेट में कटौती से आवासीय क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, क्या घर खरीद के आंकड़ों में आएगा सुधार

Fri, 11 Apr 2025 01:53 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Housing Sector: आवास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार दो ब्याज दरों में कटौती से आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इस कटौती से होम लोन ब्याज दर 8 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी और आम आदमी के लिए घर खरीदान आसान हो जाएगा।  कोविड के बाद घरों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। लेकिन अब दो बार ब्याज दर की कटौती लोगों को किफायती घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
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रियल एस्टेड सेक्टर - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से ब्याज दरों में 25 आधार अंक की कटौती कर 6 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपने रुख को तटस्थ से बदलकर समायोजनकारी कर दिया है। इससे पहले फरवरी में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था। आवास क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार दो ब्याज दरों में कटौती से आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इस कटौती से होम लोन ब्याज दर 8 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी और आम आदमी के लिए घर खरीदान आसान हो जाएगा।

कम ब्याज का बोझ होम लोन को और अधिक सुलभ बना देगा

शापूरजी पल्लोनजी रियल एस्टेट के निदेशक समूह प्रवर्तक कार्यालय एमडी वेंकटेश गोपालकृष्णन का कहना है कि लगातार दो बार ब्याज दरों में कटौती से होम लोन लेने वालों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से किफायती और मध्यम आय वाले आवास कैटेगरी में जहां मांग ब्याज दरों की चाल से जुड़ी होती है। कम ब्याज का बोझ होम लोन को और अधिक सुलभ बना देगा। इससे वहन करने की शक्ति में सुधार होगा और घर खरीदने के लिए आम लोगों को प्रोत्साहित करेगा। दर में कटौती से पूरे बाजार की भावना को बल मिलने और निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रिय विकास तेजी से बढ़ सकेगा।  जानकार कहते हैं कि कोविड के बाद घरों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। लेकिन अब दो बार ब्याज दर की कटौती लोगों को किफायती घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

किफायती और मध्यम आय वाले क्षेत्रों में घरों की मांग बढ़ेगी

कोलियर्स इंडिया के शोध प्रमुख विमल नादर कहते हैं लगातार ब्याज दरों में कमी से घर खरीदने वालों को बढ़ावा मिलेगा। इसमें खासतौर पर किफायती और मध्यम आय वाले क्षेत्रों में घरों की मांग में तेज सुधार होने की उम्मीद है। आरबीआई ने भविष्य में ब्याज दरों में गिरावट का रुख रहेगा की संभावना जताई है, जिसकी वजह से संपूर्ण मांग और रियल एस्टेट की वृद्धि में तेजी आने की संभावना है। हालांकि वैश्विक चुनौतियां और व्यापार संघर्ष से रियल एस्टेट सहित सभी आर्थिक क्षेत्रों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। क्रेडाई नेशनल के अध्यक्ष बोमन ईरानी कहते हैं रेपो दर में कमी करने के बाद आरबीआई के फैसले से होम लोन के सामर्थ्य में सुधार होने से घरों की मांग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मध्यम और किफायती क्षेत्रों को मजबूत प्रोत्साहन मिलने की संभावना है, जहां ब्याज दर के प्रति संवेदनशीलता उच्च बनी हुई है।  

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सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी के भारत क्षेत्र के प्रबंध निदेशक अमिल गोयल कहते हैं, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में 25 अंकों की कटौती एक स्थिर और बहुत जरूरी कदम है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल पुथल का सामना कर रही है। ऐसे में यह कटौती आम उधारकर्ताओं को राहत देगी साथ ही  कॉरपोरेट में आत्मविश्वास और निवेश को बढ़ावा देगी। होम लोन आम लोगों के लिए सस्ते होंगे, जो रियल एस्टेट की मांग को बढ़ाने में सहायक होंगे और उद्योग को अनिश्चितता के दौर से उबरने में मदद करेंगे।  

दरों में कटौती से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मिलेगी मदद

पूनावाला फिनकॉर्प के एमडी और सीईओ अरविंद कपिल का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती से बैंकिंग और वित्तीय सेवा पारिस्थितिकी तंत्र भी सही दिशा में बढ़ेगा और स्वस्थ तथा लचीली अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में सहायक होगा। एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुदीप्त राय बताते हैं कि ब्याज दरों में कमी जहां लोन की किश्तों को कम कर देगी वहीं विनियमित संस्थाओं और सभी ऋण के लिए को-लेडिंग नियमों का विस्तार करने से समय के साथ घरेलू वित्तीय क्षेत्र के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह एनबीएफसी के लिए अपनी विशेष शक्तियों और साझेदारी को व्यापक ऋण प्रसार की दिशा में आगे बढ़ाने में एक बड़ा अवसर देगा।

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