सीमेंट और इस्पात जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते आठ प्रमुख शहरों में पिछले साल घरों की कीमतों में तीन से लेकर सात फीसदी तक बढ़ गई हैं। इसके साथ ही मकानों की बिक्री के बारे में बात करें तो रिपोर्ट के अनुसार, बिक्री में 13 फीसदी का उछाल आया है।
सरकार के समर्थन उपायों का असर
संपत्ति ब्रोकरेज फर्म की एक रिपोर्ट में कहा गया कि मकानों की बिक्री 2021 में 13 फीसदी बढ़कर 2,05,936 इकाई हो गई, जो इससे पिछले साल 1,82,639 इकाई थी। इसमें कहा गया कि 2020 की तुलना में 2021 में नई आपूर्ति में तेज वृद्धि देखी गई और यह आंकड़ा 1.22 लाख इकाइयों से बढ़कर 2.14 लाख ईकाई पर पहुंच गया, जो 75 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। इस तेजी के चलते रियल एस्टेट क्षेत्र की सेहत में सुधार होता दिख रहा है।
अहमदाबाद-हैदराबाद सबसे आगे
रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी के बाद सरकार के समर्थन उपायों समेत अन्य ऐसे कारक रहे जिनके चलते यह बढ़ोतरी देखने को मिली। प्रमुख-8 शहरों की बात करें तो अहमदाबाद और हैदराबाद में घरों की कीमत में सबसे ज्यादा 7 फीसदी तक का उछाल आया है। इसके बाद बेंगलुरु में 6 फीसदी, पुणे में 3 फीसदी और मुंबई में 4 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता और चेन्नई में घरों की कीमत 5 फीसदी तक बढ़ गई है।
2022 में आएगी और तेजी
सीआईआई-एनरॉक कंज्यूमर सर्वे में 56 फीसदी उत्तरदाताओं ने निर्माण, कच्चे माल में मुद्रास्फीति के रुझान और डेवलपर्स के लिए समग्र परिचालन लागत के कारण 2022 में आवास की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद जताई है। जुलाई और दिसंबर 2021 के बीच किए गए इस सर्वेक्षण में टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 5,210 लोगों की राय को शामिल किया गया है।