ग्राहकों को धोखे में रखने का काम करने वाले होटलों पर पर्यटन मंत्रालय ने लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। सभी होटलों को नये दिशानिर्देश जारी करते हुए पर्यटन मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें रिसेप्शन तथा वेबसाइट पर साफ तौर पर इस बात की जानकारी देनी होगी कि उनके होटल का वर्गीकरण दर्जा क्या है?
अब से कोई होटल पांच सितारा है या एक सितारा इसे उन्हें रिसेप्शन पर लिखना होगा और अपनी वेबसाइट पर भी इसे डालना होगा। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नए दिशानिर्देश होटलों को पारदर्शी और समय का पाबंद बनाने के लिए हैं।
देश में होटलों को एक से लेकर पांच सितारा तक की पांच श्रेणियों में उनके द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के हिसाब से वर्गीकृत किया जाता है। वहीं पहले वर्गीकरण की अर्जी के लिए डिमांड ड्राफ्ट से लेन-देन होता था लेकिन यह लेन-देन भी अब ऑनलाइन होगा। होटलों को ये नियम पूरा करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है।
बार के अलावा अगर होटल के परिसर में शराब की दुकान या स्टोर है तो उस होटल का वर्गीकरण अल्कोहल श्रेणी में नहीं होगा।