दिल्ली-एनसीआर में घरों की कीमतों में अगले दो वर्षों में आठ फीसदी तक बढ़ जाएंगे। जबकि देश भर में ये दर करीब छह फीसदी का रहने वाला है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि लग्जरी सेगमेंट पांच साल में बाजार की मुख्य शक्ति बनना बंद कर देगा। यह सेगमेंट अपने चरम पर है और यह नीचे जाएगा।
मकानों की कीमतें दो वर्षों में 6 फीसदी की दर से बढ़ेंगी। लेकिन वर्तमान में बाजार को गति देने वाले लग्जरी क्षेत्र में तेजी पांच वर्षों में समाप्त हो जाएगी। घरों की औसत कीमतें पिछले दशक में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ी हैं। पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ी कमजोर रही।
क्या है अर्थशास्त्रियों की राय?
सर्वे के मुताबिक, ये पूर्वानुमान भारत में 8.2 फीसदी की आर्थिक वृद्धि की पृष्ठभूमि में आए हैं, जिसने अधिकांश समकक्षों को पीछे छोड़ दिया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस तेजी का लाभ असमान रूप से उच्च आय वालों को मिला है, जिससे देश में असमानता बढ़ रही है। विशेषज्ञ इस बात को लेकर संशय में हैं कि लग्जरी सेगमेंट कब तक गतिविधियों को संचालित करेगा। लग्जरी सेगमेंट पांच साल में बाजार की मुख्य शक्ति बनना बंद कर देगा। यह सेगमेंट अपने चरम पर है और यह नीचे जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में आठ फीसदी तक बढ़ेंगे दाम
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मकानों की कीमतें इस साल 7%-8% और अगले साल 7 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। मुंबई के लिए औसत वृद्धि 5 फीसदी है। बंगलूरू में सात फीसदी तेजी का अनुमान है। भारत में सस्ते घरों की लगभग 1 करोड़ कमी है। यह अंतर 2030 तक तीन गुना होने का अनुमान है। किफायती और मध्यम श्रेणी के घरों में नए लॉन्च नहीं हो रहे हैं।