कोरोना वायरस महामारी से सभी उद्योग प्रभावित हैं। इस दौरान कई लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, वहीं कुछ लोगों के वेतन में कटौती हुई। टीमलीज की इम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा समय में यदि पिछले साल जैसा लॉकडाउन नहीं लगा, तो चालू तिमाही यानी अप्रैल से जून 2021 में कॉरपोरेट सेक्टर में सात फीसदी ज्यादा नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
इन क्षेत्रों में बढ़ी मांग
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, एजुकेशनल सर्विसेज, ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और आईटी क्षेत्र से हायरिंग की मांग आ रही है। हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल सेक्टर की 58 फीसदी से भी अधिक कंपनियां नई भर्तियां करने के लिए तैयार हैं, जबकि इस क्षेत्र में पिछली तिमाही यह आंकड़ा 11 फीसदी था। 55 फीसदी एजुकेशनल सर्विसेज कंपनियां, 51 फीसदी ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स, 50 फीसदी आईटी कंपनियां, 46 फीसदी एफएमसीजी कंपनियां और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग कंपनियां, 41 फीसदी एग्रीकल्चर-एग्रोकेमिकल्स कंपनियां और 39 फीसदी टेलिकम्युनिकेशन कंपनियों ने हायरिंग की इच्छा जताई है।
मालूम हो कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सरकारी नीतियां और वैक्सीनेशन की वजह से अधिकांश देशों में नौकरियां बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच कोरोना की नई लहर के कारण कुछ आशंकाएं भी हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) सहित कई वित्तीय संस्थाओं ने भारत की जीडीपी में दो अंकों में वृद्धि की उम्मीद जताई है। देश में कई शहरों में सामान्य संख्या में नई नौकरियां मिलेंगी।
इन शहरों में सामान्य संख्या में नई नौकरियां
गुरुग्राम में 29 फीसदी, चेन्नई में 27 फीसदी, पुणे में 27 फीसदी, मुंबई में 33 फीसदी और कोलकाता में 25 फीसदी नई नौकरियां मिलेंगी। कुल मिलाकर सकारात्मक माहौल है, लेकिन एनर्जी, बीपीओ/आईटीई, मीडिया, एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों को लेकर उत्साह लौटने में समय लग सकता है।
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