एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड अगले महीने भारतीय वायुसेना को दो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान सौंपेगी। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचएएल को हाल ही में अमेरिकी रक्षा कंपनी जीई एयरोस्पेस से एक जेट इंजन मिल चुका है, जबकि दूसरा इंजन इस महीने के अंत तक मिलने की उम्मीद है। तेजस में इन्हीं दोनों इंजनों का इस्तेमाल किया जाना है।
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इस वजह से डिलीवरी में देरी
फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 83 तेजस मार्क-1A विमानों की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। लेकिन डिलीवरी में लगातार देरी हो रही थी क्योंकि जीई एयरोस्पेस समय पर इंजन सप्लाई नहीं कर पाया था। एचएएल के प्रवक्ता ने भी इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब तेजस मार्क-1A के लिए तीसरा GE-404 इंजन मिल चुका है। सितंबर के अंत तक एक और इंजन आने वाला है। इंजन सप्लाई चेन में सुधार से तेजस मार्क-1A की डिलीवरी का रास्ता साफ होगा।
तेजस मिग-21 का है विकल्प
तेजस मार्क-1A को वायुसेना के पुराने मिग-21 फाइटर्स की जगह लाने की योजना है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने लगभग ₹67,000 करोड़ की लागत से अतिरिक्त 97 तेजस विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी। तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर है, जो एयर डिफेंस, समुद्री टोही और स्ट्राइक मिशन अंजाम देने में सक्षम है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि अधिकृत संख्या 42 है। ऐसे में तेजस का बेड़े में शामिल होना वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।