अदाणी समूह जैसी कंपनियों के खिलाफ अपने हाई-प्रोफाइल अभियानों के लिए जाने जाने वाले एक्टिविस्ट शॉर्ट-सेलर नाथन एंडरसन ने साफ किया है कि उन्होंने अपनी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च को किसी कानूनी या अन्य खतरे के कारण बंद नहीं किया है और वे वह अपनी सभी रिपोर्टों में कही गई हर बात पर कायम हैं।
एंडरसन ने पीटीआई को बताया कि हिंडनबर्ग की जनवरी 2023 की रिपोर्ट, जिसमें अदाणी समूह पर "कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ी धोखाधड़ी" का आरोप लगाया गया था, मीडिया रिपोर्टों में समूह के खिलाफ उठाए गए सवालों का परिणाम था। अदाणी समूह ने रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोपों का बार-बार खंडन किया है।
एंडरसन ने हिंडनबर्ग को ओसीसीआरपी और जॉर्ज सोरोस जैसे कथित भारत विरोधी समूहों के साथ जोड़ने के प्रयासों को "मूर्खतापूर्ण षड्यंत्र" करार दिया और कहा कि उनके संगठन ने कभी ऐसी बातों पर टिप्पणी नहीं की क्योंकि वह "मूर्खतापूर्ण षड्यंत्र के सिद्धांतों" को बढ़ावा न देने की नीति का पालन करते हैं।
एंडरसन ने पिछले महीने अपनी फोरेंसिक रिसर्च फर्म को, जिसकी स्थापना उन्होंने लगभग आठ वर्ष पहले की थी, बंद करने की घोषणा की थी। इसका कारण उन्होंने काम की तीव्रता और उसमें लगने वाले असीमित फोकस को बताया था।
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने हिंडनबर्ग को बंद करने का निर्णय क्यों लिया, जबकि वे पीछे हट सकते थे और कंपनी की बागडोर किसी और को सौंप सकते थे, उन्होंने कहा कि "मुझे ब्रांड से अलग करने का कोई तरीका नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हिंडनबर्ग मूल रूप से मेरा पर्याय है।" "अगर यह कोई सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन या साइकिल फैक्ट्री होती तो आप एप्लीकेशन या फैक्ट्री बेच सकते थे। लेकिन जब यह मेरी ओर से अनुसंधान होता है, तो आप वास्तव में इसे किसी और को नहीं दे सकते, और इसलिए मेरा इससे वास्ता 'समाप्त' नहीं होता। लेकिन अगर वे (उनकी टीम) कोई नया ब्रांड लॉन्च करना चाहते हैं, तो मैं टीम का समर्थन करने में खुश हूं, जिसकी मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे।"
एंडरसन, जो पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रक कंपनी निकोला के खिलाफ एक रिपोर्ट के कारण चर्चा में आए थे। इसके साथ ही पिछले महीने बंद होने वाली कंपनी हिंडनबर्ग ने कार्ल इकान की इकान एंटरप्राइजेज एलपी सहित प्रमुख वित्तीय हस्तियों की कंपनियों पर हमला बोला था।