केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देश में विश्व स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का दावा करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में राजमार्गों पर 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंफ्रा क्षेत्र के विकास के लिए फंड कभी भी समस्या नहीं रहा है और न ही आगे कमी आएगी।
मोटर वाहन कानून, ई-टोल और कोष जुटाने के लिए इनविट जैसे कदम उठाने वाले गडकरी ने कहा कि हमने राजमार्गों और पोत परिवहन क्षेत्रों में पिछले पांच साल में करीब 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अगली योजना के तहत आने वाले 5 वर्षों में 22 हरित राजमार्गों समेत अन्य सड़कों पर 15 लाख करोड़ का निवेश होगा। फस्टैग लागू होने के बाद प्रतिदिन की टोल वसूली बढ़कर 25 करोड़ रुपये पुहंच गई है। इससे सालाना टोल वसूली आठ हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा रहने की उम्मीद है। गडकरी ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर गिनाया।
भारतमाला परियोजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके तहत मंत्रालय ने 26,200 किलोमीटर लंबा आर्थिक गलियारा, 8,000 किलोमीटर का आंतरिक गलियारा, 7,500 किलोमीटर फीडर ( अंदरूनी ) मार्ग, 5,300 किलोमीटर सीमावर्ती और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के 4,100 किलोमीटर व बंदरगाहों से संपर्क के लिए 1,900 किलोमीटर के निर्माण मार्ग को चिन्हित किया गया है ।
गडकरी ने कहा, उनके मंत्रालय का अगला एजेंडा 12,000 करोड़ रुपये की चार धाम परियोजना पूरी करने का है। इसके तहत बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए पूरे साल संपर्क सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही कैलाश - मानसरोवर यात्रा आसान बनाने के लिए उत्तराखंड से राजमार्ग का निर्माण होगा, जिसका 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है ।