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MSME for Bharat: लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स विस्तार पर ब्रांड विशेषज्ञ क्या बोले, यहां जानिए

Thu, 09 Oct 2025 02:50 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MSME for Bharat: एमएसएमई फॉर भारत में एफी लायंस फाउंडेशन के बोर्ड सदस्य शुभ्रांशु सिंह ने कहा कि अपने ब्रांड को आगे रखकर एमएसएमई उद्यमी को उसके पीछे चलना चाहिए। यह देखना चाहिए कि इससे ब्रांड बढ़ रहा है या नहीं। हमारे देश में हम सभी एमएसएमई हैं। बिजनेस ठप ब्रांड ठप। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञों ने क्या अहम बातें की।
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एमएसएमई फॉर भारत - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत आयोजन के दौरान 'ब्रांड डिस्कवरी से लेकर अंतिम-मील डिलीवरी तक' सत्र का संचालन प्रॉफिट फर्स्ट के फाउंडर और सीएफए संजय कथूरिया ने किया। इस सत्र में  टी. कोशी (संस्थापक एमडी और सीईओ, ओएनडीसी), शुभ्रांशु सिंह (बोर्ड सदस्य, एफी लायंस फाउंडेशन), इरविन आनंद (सीईओ, निम्बसपोस्ट), विशाल कौशिक (संस्थापक एवं एमडी कैडी वेंचर्स) आदि शामिल हुए। 

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टी. कोशी (संस्थापक एमडी और सीईओ, ओएनडीसी)
आप सही मायने में देखें तो ईकॉमर्स का विस्तार पूरे बाजार का 10 से 12 फीसदी है। 3-4 ही कारोबारी ईकॉमर्स से जुड़े हैं। विकसित देशों में भी इसका प्रतिशत कम है। अगर किसी डोमेन में ई- कॉमर्स स्टार्टअप को पूरा मौका मिलेगा तो वह शानदार तरीके से अपना विस्तार कर सकेगा। पर असर दुनिया में ऐसा नहीं है। बाजार में सभी तरह के सहभागी के टिके रहने की जरूरत है। सबसे बड़ी समस्या है कि छोटे कारोबार खत्म हो रहे हैं। इस समस्या को दूर करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।

विशाल कौशिक, संस्थापक एवं एमडी कैडी वेंचर्स
जो मुकद्दर में है वह हो जाएगा पर अपने ब्रांड को सही तरीके से पेश करना जरूरी है। जो अपने प्रोडक्ट के बारे में पहले नहीं सोचते वे सफल नहीं हो पाते। जो ऐसा अच्छे इमान के साथ करते हैं वे अंतत: जो चाहते हैं हासिल कर लेते हैं। प्रोडक्ट और कस्टमर पर ध्यान देना सबसे जरूरी है। कंज्यूमर की ब्रांड और प्राइसिंग को लेकर अपनी सोच होती है। अक्सर हम जब कैटेगरी से निकलकर सोचते हैं तो यह तरीका काम नहीं करता। अगर कस्टमर को आपके प्रोडक्ट में वैल्यू दिखी तो वो आपको पैसा देगा। भारत प्राइस सेंसेटिव है।
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शुभ्रांशु सिंह (बोर्ड सदस्य, एफी लायंस फाउंडेशन)
अपने ब्रांड को आगे रखकर एमएसएमई उद्यमी को उसके पीछे चलना चाहिए। यह देखना चाहिए कि इससे ब्रांड बढ़ रहा है या नहीं। हमारे देश में हम सभी एमएसएमई हैं। बिजनेस ठप ब्रांड ठप। आज सोशल मीडिया की दुनिया में हम नेटवर्क पर 24 घंटे हैं। इस कारण हम एक दूसरे के निकट आ रहे हैं। एक पहचान बन रही है। यह पहचान ब्रांड से मजबूत हो सकती है। इसलिए ब्रांड के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। 

इरविन आनंद (सीईओ, निम्बसपोस्ट)
आपका ब्रांड दूसरे से कैसे अलग हो इसका ध्यान उद्यमी को ध्यान रखना चाहिए। या तो आप इंस्टाग्राम और वाट्सएप का इस्तेमाल कर सेल कर सकते हैं। फिर आप अपनी तकनीक को बढ़ा सकते हैं। धीरे-धीरे आप अपने ब्रांड का दायरा आगे बढ़ा सकते हैं। उद्यमी को चाहिए कि वह जानें कि वह क्या बेच रहा है। उद्यमियों को लॉजिस्टिक्स की जानकारी नहीं होती इससे उन्हें परेशानी होती है। उन्हें अपनी जानकारी बढ़ानी चाहिए। लोगों की आकांक्षाएं आजकल काफी बढ़ गई हैं। इसलिए ट्रांसपेरेंट कम्यूनिकेशन जरूरी है। डिलिवरी के हर चरण पर नजर रखने की जरूरत है। आप किसी कूरियर के साथ काम करते हैं तो यह आपके लिए मेंटरशिप की तरह है। ब्रांड वैल्यू डिलिवरी के अनुभव से तय होती है।

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