भारत को 2021 में पड़ी अत्यधिक गर्मी से सेवा, विनिर्माण, कृषि और निर्माण क्षेत्रों में करीब 13 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों में देश को अपने सकल घरेलू उत्पाद का 5.4% यानी 159 अरब अमेरिकी डॉलर आय का नुकसान हुआ।
बारिश के पैटर्न में बदलाव
भारत में पिछले 30 वर्षों में वर्षा का पैटर्न बदल गया है, जिससे कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन जैसी कई आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
बर्फबारी में आएगी गिरावट
गर्मी 1.5 डिग्री बढ़ने पर भारत में बर्फबारी 13% गिर जाएगी। तापमान तीन डिग्री बढ़ने पर इसमें 2.4 गुना कमी होगी।
तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री के नीचे रखने पर सहमत हैं देश
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दुनियाभर के देशों ने 2015 में पेरिस समझौते के तहत इस सदी में वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे और हर हाल में दो डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर सहमति जताई है।