केंद्र सरकार के लिए स्वास्थ्य बीमा एक प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2033 तक देश के सभी नागरिकों को बीमा कवर के दायरे में लाया जाए। मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
देश में बीमा क्षेत्र के कम कवरेज को स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "वैश्विक स्तर पर औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम 943 डॉलर है, जबकि भारत में यह केवल 97 डॉलर है।" इस अंतर को पाटने के लिए सरकार कई लक्षित सुधार कर रही है।
व्यक्तिगत प्रीमियम पर जीएसटी छूट और ग्रामीण व सामाजिक क्षेत्रों में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए नियामक संस्था इरडा द्वारा 2024 में अधिसूचित नए नियम इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। इसके अलावा, बाजार में गहराई लाने और पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार दिसंबर 2025 में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाने के लिए एक विधेयक लेकर आई।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश के सबसे गरीब नागरिकों को पीछे नहीं छोड़ा जा रहा है।
सदन को आश्वस्त करते हुए सीतारमण ने कहा कि बीमा कंपनियों को व्यवस्थित तरीके से रेगुलेट किया जा रहा है। भ्रामक दावे करने, तथ्य छिपाने या अनुचित व्यावसायिक तरीके अपनाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पिछले तीन वर्षों में कई कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
उदाहरण के तौर पर, 2023-24 में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस लिमिटेड और एचडीएफसी लाइफ पर दो-दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, एसबीआई लाइफ और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस पर एक-एक करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई।
वित्त मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार 2033 तक 'सबके लिए बीमा' का लक्ष्य हासिल करने के लिए न केवल योजनाओं का दायरा बढ़ा रही है, बल्कि ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए नियामक ढांचे को भी लगातार सख्त कर रही है।
राज्यसभा में वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा की पहुंच बढ़ाने पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार 25,000 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल कर रही है।
देश में रबी फसलों के लिए पोषक तत्वों की खरीद के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के पास खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त उर्वरक है। अगली रबी फसल के लिए इनकी खरीद के लिए वैश्विक स्तर पर बोली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्यसभा में वित्त मंत्री एलपीजी संकट पर पर भी बोलीं। उन्होंने कहा, "इस अशांत समय में भी हम एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।" इस दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कोविड के बाद से लचीली बनी हुई है।