बिल में कैंची चलाने वाली 5 छिपी हुई शर्तें
- रूम रेंट कैपिंग: अधिकांश पॉलिसियों में रूम रेंट की सीमा सम एश्योर्ड का 1% होती है। अगर आपने अधिक मूल्य का कमरा लिया, तो कंपनी Proportionate Deduction के नियम से डॉक्टर की फीस, सर्जरी और नर्सिंग चार्ज भी उसी अनुपात में काट लेगी।
- कंज्यूमेबल्स: ग्लव्स, मास्क, पीपीई किट, सिरिंज, और स्पिरिट जैसी चीजों को कंपनियां नॉन-मेडिकल मानती हैं। कोविड के बाद अस्पताल के बिल में कंज्यूमेबल्स का हिस्सा 10-15% तक पहुंच गया है। कई कंपनियां Consumables Rider देती हैं। अगर आपके पास नहीं है, तो पैसे आपकी जेब से जाएंगे।
- को-पेमेंट: पॉलिसी के छोटे अक्षरों में कहीं 10% या 20% को-पे लिखा होता है। इसका मतलब है कि बिल चाहे जो भी हो, उसका एक निश्चित हिस्सा आपको देना ही होगा। सीनियर सिटीजन पॉलिसियों में यह अक्सर 20-30% होता है।
- डिजीज (बीमारी) सब-लिमिट: भले ही आपका बीमा 10 लाख का हो, पॉलिसी में लिखा होता है मोतियाबिंद के लिए 30,000 रुपये। पॉलिसी लेने से पहले Sub-limits वाला कॉलम गौर से देखें।
- डायग्नोस्टिक और प्री-हॉस्पिटलाइजेशन: अस्पताल में भर्ती होने से पहले के टेस्ट और डिस्चार्ज के बाद की दवाइयां। लोग अक्सर पुराने पर्चे और बिल खो देते हैं। आमतौर पर 60 दिन पहले और 90 दिन बाद का खर्च मिलता है, इसके लिए हर पर्चा और ओरिजिनल बिल होना जरूरी है।
क्यों बढ़ रहे हैं हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम्स?
मेडिकल इंफ्लेशन का लगातार ऊंचे स्तर पर बने रहना।
हार्ट, कैंसर, किडनी और ऑर्थोपेडिक जैसी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ना।
ICU, एडवांस डायग्नोस्टिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित ट्रीटमेंट का बढ़ता खर्च।
कोविड के बाद समय पर इलाज कराने की बढ़ी हुई प्रवृत्ति।
क्या आपकी पॉलिसी पर्याप्त है?
आज भी बड़ी संख्या में लोग 3-5 लाख रुपये के हेल्थ कवर पर निर्भर हैं, जबकि मेट्रो शहरों में किसी गंभीर बीमारी का इलाज 8-10 लाख रुपये या उससे अधिक का खर्च मांग सकता है। आने वाले वर्षों में इलाज की लागत और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में समय पर पॉलिसी रिव्यू और अपग्रेड बेहद जरूरी हो जाता है।
पॉलिसीधारकों के लिए सलाह
- हेल्थ पॉलिसी का हर 2-3 साल में रिव्यू करें
- सम इंश्योर्ड को मेडिकल इंफ्लेशन के अनुसार बढ़ाएं
- ऐसी पॉलिसी चुनें जिसमें नो रूम रेंट कैप, रीस्टोरेशन बेनेफिट और डिजिटल क्लेम प्रोसेस हो
- हमेशा कैशलेस प्री-ऑथोराइजेशन लें, इसके लिए नजदीकी नेटवर्क अस्पताल में प्लान करें
- सस्ती सुपर टॉप-अप पॉलिसी से अपना सम-इंश्योर्ड बढ़ाएं, गंभीर बीमारी इससे कवर होगी