गोल्डमैन सैक्स के शीर्ष अर्थशास्त्रियों ने हाल ही में एक शोध प्रकाशित किया था। इसमें दावा किया गया था कि अमेरिका के उच्च टैरिफ के कारण महंगाई का अधिकतर भार उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। रिपोर्ट के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने झल्लाहट भरी प्रतिक्रिया देते हुए बैंक के सीईओ डेविड सोलोमन को एक नया अर्थशास्त्री नियुक्त करने की सलाह दी है। गोल्डमैन सैक्स अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी है।
ट्रंप ने मंगलवार को एक ट्रुथ पर एक पोस्ट में लिखा, "टैरिफ से अमेरिका में महंगाई या कोई और समस्या नहीं आई है, सिवाय इसके कि हमारे खजाने में भारी मात्रा में नकदी आई है। ट्रंप ने कहा कि डेविड सोलोमन और गोल्डमैन सैक्स हर उस जगह पर श्रेय देने से इनकार करते हैं जहां श्रेय देना चाहिए।" ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि डेविड को बाहर जाकर अपने लिए एक नया अर्थशास्त्री ढूंढ लेना चाहिए या फिर, शायद, उन्हें सिर्फ डीजे बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी बड़े वित्तीय संस्थान को चलाने की चिंता नहीं करनी चाहिए।" सोलोमन पहले नियमित रूप से बड़े-बड़े कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। हालांकि, बैंक बोर्ड के दबाव के कारण, उन्होंने दो साल पहले अपना डीजे का काम छोड़ दिया था।
गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों की ओर से सप्ताहांत में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया था कि अमेरिकियों ने "जून तक टैरिफ की लागत का 22% का भार उठाया", लेकिन अगर टैरिफ "शुरुआत में घोषित टैरिफ के ही समान रहे तो, तो अक्तूबर तक यह हिस्सा बढ़कर 67% हो जाएगा।" हालांकि, ट्रंप ने अपने पोस्ट में उस रिपोर्ट का अधिक उल्लेख नहीं किया। फिलहाल गोल्डमैन सैक्स ने राष्ट्रपति की टिप्पणी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में टैरिफ की लागत के उस हिस्से का अनुमान लगाया है जिसका भार अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। यह रिपोर्ट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री, जान हेट्जियस की अगुआई में तैयार हुई है। वाशिंगटन में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल से भी मिलते रहे हैं। वे वॉल स्ट्रीट पर भी चर्चा में रहते हैं। हेट्जियस ने इससे पहले, हेट्जियस उस समय चर्चा में रहे थे जब उन्होंने 2023 में अमेरिका में मंदी नहीं आने का सही अनुमान लगाया था। उस समय उनकी राय अधिकांश अर्थशास्त्रियों की राय के विपरीत थी।
टैरिफ पर हेट्जियस की टीम के पूर्वानुमान अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थानों के पूर्वानुमानों से मिलते-जुलते हैं। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को टैरिफ से जुड़े स्टिकर शॉक का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में ट्रंप की ओर से लागू किए गए कई उच्च टैरिफ के बावजूद, अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। मंगलवार को प्रकाशित अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई में उपभोक्ता कीमतें 0.2% बढ़ीं। इससे वार्षिक मुद्रास्फीति दर 2.7% पर बनी रही।