अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत के साथ किसी भी संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में दालों के लिए अनुकूल प्रावधान सुनिश्चित करने की अपील की है। यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता अब भी ठोस नतीजे से दूर है।
सीनेटर केविन क्रेमर और स्टीव डेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप को लिखे पत्र में कहा कि जैसे-जैसे भारत के साथ व्यापार वार्ताएं आगे बढ़ें, अमेरिकी कृषि उत्पादकों खासकर नॉर्थ डकोटा और मोंटाना के किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इन दोनों राज्यों को अमेरिका में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक बताया गया है, जिनमें मटर भी शामिल हैं।
पत्र में ट्रंप के पहले कार्यकाल का जिक्र करते हुए सीनेटरों ने कहा कि वर्ष 2020 में व्यापार वार्ताओं के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर उनका पत्र स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा था। उन्होंने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के ट्रंप के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिकी किसान वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता रखते हैं।
सीनेटरों के मुताबिक, अगर दालों पर टैरिफ को लेकर भारत से बातचीत होती है तो इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी और अमेरिकी उत्पादकों के साथ-साथ भारतीय उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा।
गौरतलब है कि 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव देखने को मिला। इनमें रूस से तेल खरीद से जुड़ा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों देश अब तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाए हैं।
इस बीच, पिछले सप्ताह अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रंप को फोन न किए जाने के कारण 2025 में व्यापार समझौता संभव नहीं हो पाया। हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया था।