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एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का बड़ा फैसला: गोल्ड ईटीएफ और एफओएफ में नए निवेश पर लगाई लिमिट, जानिए आप पर क्या असर?

Thu, 04 Jun 2026 08:12 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने आर्थिक और बाजार स्थितियों का हवाला देते हुए गोल्ड ईटीएफ और एफओएफ में नए निवेश पर रोक लगा दी है। जानिए 10 लाख और 25 करोड़ रुपये की नई निवेश सीमाओं का आप पर क्या असर होगा। पूरी खबर पढ़ें।
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एचडीएफसी बैंक - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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देश के प्रमुख एसेट मैनेजमेंट हाउस, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने सोने से जुड़े अपने प्रमुख फंडों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अहम बदलाव किए हैं। मौजूदा व्यापक आर्थिक और बाजार स्थितियों का हवाला देते हुए, फंड हाउस ने अपने 'गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड' और 'गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड' में नए निवेश पर अस्थायी तौर पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस फैसले के साथ ही, इस तरह की निवेश सीमाएं लागू करने वाला एचडीएफसी देश का पहला म्यूचुअल फंड हाउस बन गया है। 

गोल्ड ईटीएफ के लिए बड़े निवेशकों पर सख्ती

गुरुवार को जारी एक आधिकारिक एडेंडम के जरिए फंड हाउस ने इन नए नियमों की जानकारी दी। यह कदम मुख्य रूप से उन बड़े निवेशकों को प्रभावित करेगा जो फंड हाउस के जरिए सीधे तौर पर बड़ी रकम का निवेश करते हैं। 

  • एचडीएफसी की घोषणा के अनुसार, 8 जून से बड़े निवेशकों द्वारा सीधे एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ में किए जाने वाले किसी भी नए सब्सक्रिप्शन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। 
  • यह सख्त प्रतिबंध उन निवेशकों पर लागू होगा जो फंड हाउस के साथ सीधे कम से कम 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करते हैं।

रिटेल निवेशकों के लिए गोल्ड एफओएफ में क्या बदला?

एचडीएफसी ने न सिर्फ ईटीएफ, बल्कि एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड (एफओएफ) में निवेश करने वालों के लिए भी नई सीमाएं तय कर दी हैं, जिसका असर मध्यम और रिटेल निवेशकों पर पड़ना तय है:

  • एफओएफ स्कीम के तहत, अब एकमुश्त खरीदारी और स्विच-इन को सीमित कर दिया गया है।
  • इसके लिए प्रति कैलेंडर माह अधिकतम 10 लाख रुपये की सीमा तय की गई है, जो निवेशक के पैन कार्ड और पहले धारक के स्तर पर लागू होगी। 
  • फंड हाउस ने साफ किया है कि एफओएफ के लिए यह नई सीमा 5 जून को दोपहर 3 बजे के कट-ऑफ समय के बाद प्राप्त होने वाले सभी लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

प्रतिबंधों का कारण और आगे का आउटलुक

इन प्रतिबंधों के पीछे के कारणों के बारे में बताते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा है कि यह महत्वपूर्ण उपाय व्यापक आर्थिक और बाजार स्थितियों के मद्देनजर एहतियात के तौर पर किए गए हैं। मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक हलचल का असर कमोडिटी और शेयर बाजारों पर साफ देखा जा सकता है, ऐसे में फंड हाउस का यह निर्णय जोखिम को प्रबंधित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 

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एचडीएफसी के अनुसार, निवेश पर लगाई गई ये सीमाएं अगले आदेश तक पूरी तरह से लागू रहेंगी। इसके अलावा, यह नया एडेंडम समय-समय पर संशोधित होने वाली इन योजनाओं के 'स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट' (एसआईडी) और 'की इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम' (केआईएम) का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है।

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का यह अभूतपूर्व फैसला गोल्ड म्यूचुअल फंड्स में अचानक आने वाली बड़ी नकदी को नियंत्रित करने का एक रणनीतिक प्रयास है। जो निवेशक इन फंड्स में अपनी पोजीशन बनाने या बढ़ाने का विचार कर रहे हैं, उन्हें अब अपने निवेश को इन नई सीमाओं और कट-ऑफ टाइमिंग के अनुरूप ढालना होगा। बाजार की आगे की चाल और आर्थिक स्थिरता ही यह तय करेगी कि ये प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे।

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