अब तक 78 करोड़ पैन जारी
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 78 करोड़ पैन जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 98 फीसदी पैन कार्ड व्यक्तिगत करदाताओं के पास हैं। पैन 2.0 योजना से आयकर विभाग के डिजिटल बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
पैन 2.0 का मकसद...करदाताओं के लिए सेवाओं में सुधार करना
1,435 करोड़ रुपये के बजट के साथ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पैन 2.0 पहल पैन/टैन सेवाएं देने वाले सभी प्लेटफॉर्म एवं पोर्टलों को आधुनिक बनाएगी और उन्हें एक प्रणाली से जोड़े रखेगी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य पैन/टैन आवेदन एवं प्रबंधन को सरल बनाना, प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को कम करना, करदाताओं के लिए डिजिटल पहुंच एवं सेवाओं में सुधार करना और डाटा सुरक्षा बढ़ाना है।
ऑनलाइन ऐसे सरेंडर कर सकते हैं डुप्लिकेट पैन
- एनएसडीएल की वेबसाइट पर जाकर ‘मौजूदा पैन डाटा में परिवर्तन या सुधार/पैन कार्ड रिप्रिंट’ फॉर्म को भरकर जमा करें।
- सभी जरूरी जानकारी भरने के बाद सही ढंग से सत्यापित करें।
- कॉन्टैक्ट डिटेल्स सेक्शन में बाएं स्थित बॉक्स पर क्लिक करें।
- उस पैन नंबर की डिटेल भरें, जिसे आप सरेंडर करना चाहते हैं।
- सहायक दस्तावेज के साथ शुल्क का भुगतान करें और पूरा फॉर्म जमा करे