अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत... बनी रहेगी वृद्धि
मांग में सुधार और बेहतर अनुपालन के अलावा ऊंची दरों की वजह से अगस्त में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के जरिये सरकार की कमाई 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि जीएसटी के आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से बढ़ रही है। आगे भी इसमें वृदि्ध बनी रहेगी।
आंकड़ों के मुताबिक, जीएसटी इतिहास में सातवीं बार है, जब संग्रह 1.40 लाख करोड़ से अधिक रहा है। अगस्त के कुल संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदरी 24,710 करोड़, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की 30,951 करोड़, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) की 77,782 करोड़ रही।
आईजीएसटी में वस्तुओं के आयात से एकत्रित 42,067 करोड़ भी शामिल हैं। उपकर का योगदान 10,168 करोड़ रुपये रहा। इसमें वस्तुओं के आयात से जुटाए 1,018 करोड़ भी शामिल हैं। एन ए शाह एसोसिएट्स में भागीदार (अप्रत्यक्ष कर) पराग मेहता ने कहा, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए अगले दो से तीन महीने में जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी जारी रहेगी।
- 77,782 करोड़ रुपये आईजीएसटी
- 30,951 करोड़ रुपये एसजीएसटी
- 24,710 करोड़ सीजीएसटी का रहा योगदान
5 राज्यों में सर्वाधिक संग्रह
राज्य वसूली (करोड़ रु. में)
महाराष्ट्र 18,863
कर्नाटक 9,583
गुजरात 8,684
तमिलनाडु 8,386
उत्तर प्रदेश 6,781
कम कमाई वाले 5 राज्य
राज्य संग्रह (करोड़ रु. में)
लक्ष्यद्वीप 0
दमनदीव 1
अंडमान-निकोबार 16
लददख 19
मिजोरम 28
- हरियाणा : 6,772 करोड़, दिल्ली : 4,349 करोड़, पंजाब : 1,651 करोड़
- हिमाचल : 709 करोड़, जम्मू-कश्मीर : 434 करोड़, चंडीगढ़ : 179 करोड़
7 बार 1.4 लाख करोड़ से ज्यादा वसूली
महीना संग्रह (करोड़ रुपये में)
जनवरी, 2021 1,40,986
मार्च, 2022 1,42,095
अप्रैल, 2022 1,67,540
मई, 2022 1,40,885
जून, 2022 1,44,616
जुलाई, 2022 1,48,995
अगस्त, 2022 1,43,612
यूपीआई : लेनदेन बढ़कर 10.73 लाख करोड़ रुपये
यूपीआई के जरिये डिजिटल भुगतान लेनदेन का मूल्य अगस्त में बढ़कर 10.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। जुलाई में मूल्य के हिसाब से यूपीआई से 10.63 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अगस्त में मात्रा के लिहाज से यूपीआई के जरिये कुल 6.57 अरब लेनदेन हुए।
- आईएमपीएस से अगस्त में 4.46 लाख करोड़ रुपये के 46.69 करोड़ लेनदेन हुए। जुलाई में यह 46.08 करोड़ लेनदेन पर 4.45 लाख करोड़ रुपये रहा था।
- इस दौरान टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिये 4,245 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो जुलाई में 4,162 करोड़ रुपये था।
विनिर्माण गतिविधियों को मजबूत मांग ने दी रफ्तार
मजबूत मांग से अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों को रफ्तार मिली है। विनिर्माण पीएमआई के अगस्त के आंकड़े बताते हैं, लगातार 14वें महीने कुल परिचालन में सुधार हुआ है। इसके अलावा, उत्पादन और नए ऑर्डर दोनों की वृद्धि दर पिछले साल नवंबर के बाद से सबसे मजबूत है।
लागत में नरमी से मिली राहत
सर्वे में महंगाई के मोर्चे पर कहा गया है कि अगस्त में कीमतें उच्च रही हैं। हालांकि, कमोडिटी की कीमतें घटने से लागत महंगाई की समग्र दर एक साल के निचले स्तर पर आ गई हैं। कंपनियों ने इनपुट लागत में कमजोर वृद्धि का स्वागत किया है। कहा, लागत में नरमी से मांग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
एसबीआई और मूडीज ने विकास दर में की कटौती
एसबीआई और मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के विकास दर अनुमान में कटौती की है। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 7.5% से घटाकर 6.8% कर दिया है। वहीं, मूडीज ने 2022 के लिए वृद्धि दर अनुमान को 8.8% से घटाकर 7.7% कर दिया है।
पेट्रोल की बिक्री बढ़ी, डीजल में गिरावट
देश में पेट्रोल की बिक्री बढ़ी है, जबकि डीजल की मांग में गिरावट आई है। पेट्रोल की बिक्री अगस्त में 5.8 फीसदी बढ़कर 28.1 लाख टन रही। हालांकि, जुलाई में यह 5 फीसदी घटकर 26.6 लाख टन रही थी। वहीं, डीजल की खपत अगस्त में 4.9% घटकर 61.1 लाख टन रही। जुलाई में यह 13.1% घटकर 64.2 लाख टन थी। विमान ईंधन की मांग अगस्त में जुलाई के मुकाबले दोगुना से अधिक बढ़कर 5.41 लाख टन रही। रसोई गैस की बिक्री सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 24.4 लाख टन रही।
बिजली खपत : दो फीसदी बढ़कर 130.35 अरब यूनिट
बिजली खपत अगस्त में सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़कर 130.35 अरब यूनिट पहुंच गई। पिछले साल अगस्त में खपत 127.88 अरब यूनिट और अगस्त, 2020 109.21 अरब यूनिट थी। एक दिन में बिजली की अधिकतम पूरी की गई मांग अगस्त, 2022 में घटकर 194.94 गीगावॉट रही।