जीएसटी अधिकारियों ने 178 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मामलों में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, सीजीएसटी आयुक्तालय, उत्तरी दिल्ली के अधिकारियों ने काल्पनिक कंपनियों के नाम पर फर्जी इनवाइस बनाने और फर्जी आईटीसी पास कराने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। तीन अलग-अलग मामलों में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इन तीनों मामलों में कुल आईटीसी 178 करोड़ रुपये है। एक मामले में चार काल्पनिक कंपनियों के नाम पर 54 करोड़ रुपये का आईटीसी पास किया गया। ये कंपनियां केवल फर्जी इनवाइस जारी करने के लिए बनाई गई थी।
इन सभी कंपनियों के मुख्य संचालक विकास गोयल और गोपाल अग्रवाल थे और इन्होंने फर्जी कंपनियों के संचालन की बात स्वीकार कर ली। इन्हें 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।
दूसरे मामले में मोहिंदर कुमार ने दो कंपनियों वीएमडब्ल्यू एंटरप्राइजेज और श्री बहादुर स्टील कंपनी के नाम पर 111 करोड़ रुपये का आईटीसी पास कराया। उसे 13 फरवरी को गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह के एक अन्य मामले में वीडीआर कलर्स एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और मेटल्स मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के निदेशक सुरेंदर कुमार जैन ने फर्जी इनवाइस के आधार पर 13 करोड़ रुपये के आईटीसी का भुगतान लिया।
इसे भी 13 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मंत्रालय ने बयान में कहा कि जीएसटी, सेंट्रल टैक्स दिल्ली जोन 3969.65 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसजी चोरी मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।