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GST: बाजार में दिखेगी तेजी, इन शेयरों पर लगाएं दांव; दिवाली तक जीएसटी ढांचे में बड़े सुधार की योजना होगी पूरी

सार

दिवाली तक जीएसटी ढांचे में बड़े सुधार की योजना पूरी होगी। अंतिम मुहर सितंबर के पहले हफ्ते में जीएसटी काउंसिल लगाएगी। अक्तूबर में दिवाली है। ऐसे में एक महीने में इस सुधार का बाजार पर जबरदस्त असर दिखेगा। ऑटो, वित्तीय, रियल एस्टेट, उपभोक्ता और सीमेंट जैसे क्षेत्रों के शेयरों में इस फैसले से तेजी आने की उम्मीद है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जीएसटी सुधारों का उद्देश्य खुदरा कीमतों को कम करना है। दोपहिया और छोटी कारों को इसका फायदा हो सकता है। सीमेंट क्षेत्र में राजस्व में वृद्धि हो सकती है। बढ़ती खपत से बैंकों को लाभ हो सकता है। इस आधार पर ब्रोकरेज हाउसों ने 40 से ज्यादा शेयरों को संभावित लाभार्थियों के रूप में पहचाना है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, दरों को युक्तिसंगत बनाने से अंतिम ग्राहकों के लिए कीमतों में कमी आएगी। इससे वे ज्यादा खर्च कर पाएंगे। दरों में कमी से निम्न-आय वाले परिवारों पर बोझ कम होगा। समग्र मांग में सुधार के रुझान से कारोबारी धारणा मजबूत होगी।

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सुधार के कई कदमों से मिलेगी मदद
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि जीएसटी दरों में कमी से रेपो दरों में और कटौती की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। सुधार का पहला कदम इस साल के बजट में मध्य आय वालों के लिए आयकर की सीमा बढ़ाने का था। उसके बाद ब्याज दरों में एक फीसदी की कटौती ने मध्य वर्ग को और राहत दी। वैश्विक ब्रोकर जेफरीज क मानना है कि जीएसटी दरों के कम होने से दोपहिया वाहन, सीमेंट, एसी से संबंधित शेयर बड़े लाभार्थी हो सकते हैं। नोमुरा के अनुमान के अनुसार, ऑटो सेक्टर के लिए टैक्स में 10 फीसदी की कमी की जाती है, तो इससे मांग 15-20 फीसदी बढ़ सकती है।

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इन शेयरों में हो सकता है फायदा

  • मोतीलाल ओसवाल : टाटा मोटर्स, बजाज हीरो, महिंद्रा। वोल्टास, हैवेल्स, आईटीसी। आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस। निवा बूपा, मैक्स लाइफ, एचडीएफसी लाइ्रफ। रिलैक्सो, शॉपर्स स्टॉप, ट्रेंट
  • नोमुरा : महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, अशोक लेलैंड और टीवीएस मोटर।
  • मॉर्गन स्टेनली : हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स, मारुति सुज़ुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा।
  • गोल्डमैन सैश : ट्रेंट, पेज इंडस्ट्रीज, बाटा, मेट्रो, नेस्ले, डाबर, टाइटन।

उपभोक्ता वस्तुएं व सीमेंट शेयरों से लाभ
मोतीलाल ओसवाल ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि उपभोक्ता वस्तुओं (बेहतर मांग और कच्चे माल की कम लागत से) वाले शेयरों को इस फैसले से ज्यादा लाभ होगा। सीमेंट, होटल, खुदरा (फुटवियर), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं व लॉजिस्टिक्स को भी फायदा होगा। ऐसे में हिंदुस्तान यूनिलीवर, ब्रिटानिया, मारुति, अशोक लेलैंड, अल्ट्राटेक, वोल्टास, लेमनट्री, स्विगी, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस भी पसंदीदा शेयर हैं।

  • ट्रैक्टर जैसे क्षेत्र पर अभी 12% कर लगता है। ये 5% कर स्लैब में आ सकते हैं। एयर कंडीशनर (एसी) को 18 फीसदी कर स्लैब में बदलाव से लाभ हो सकता है। जेफरीज ने कहा, खाद्य कंपनियों को भी लाभ हो सकता है क्योंकि उन पर टैक्स 12 से घटकर 5 फीसदी हो सकता है।

2.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ेगी खपत
ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि जीएसटी की दरों में कमी से 2.4 लाख करोड़ रुपये की खपत बढ़ सकती है। यह रकम देश के निम्न और मध्य वर्ग के लोगों के हाथों में आएगी। इससे वे अच्छा-खासा खर्च करने में सक्षम होंगे। खासकर दिवाली में और ज्यादा खर्च लोग करने को इच्छुक होते हैं। भारत वर्षों में अपनी सबसे बड़ी खपत वृद्धि के कगार पर खड़ा है।

  • जैसे-जैसे बाजार पूंजीगत खर्च की ओर से उपभोग की ओर बढ़ेगा, इससे अगले कुछ महीने यह तय कर सकते हैं कि जीएसटी क्रांति 2.0 में कौन से शेयर अंतिम विजेता बनकर उभरेंगे। ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि निवेशकों को एक ऐसे उपभोग चक्र के लिए तैयार हो जाना चाहिए, जो भारत  के विकास पथ को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

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सितंबर में रफ्तार पकड़ सकता है बाजार
विश्लेषकों का मानना है कि जीएसटी दरों में कमी के फैसले से सितंबर से घरेलू शेयर बाजार रफ्तार पकड़ सकता है। पिछले कुछ महीने से बाजार में सुस्ती है। दरअसल, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार में शेयरों की बिकवाली कर रहे हैं।

  • अगस्त में ही अब तक 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं। इससे बाजार पूरी तरह से अस्थिर बना हुआ है। इस महीने अब तक सेंसेक्स महज सात सौ अंक बढ़ा है लेकिन अब बाजार में उत्साह दिखेगा। टैरिफ के मुद्दे पर स्पष्टता आने और कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता सितंबर तक पूरा होगा। साथ ही, जीएसटी दरों के घटने के बाद जब खपत बढ़ेगी तो उसका पैसा भी बाजार में आएगा। इससे बाजार को मजबूती मिलेगी।
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