जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक में रिफंड, पंजीकरण और रिटर्न से जुड़े कई प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है। इनमें रिफंड का दायरा बढ़ाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट पर कुछ पाबंदियां हटाने जैसे बदलाव शामिल हैं। लेकिन क्या इन प्रस्तावों पर कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
जीएसटी काउंसिल की बृहस्पतिवार को होने वाली अहम बैठक में रिफंड, पंजीकरण, रिटर्न भरने समेत कई मामलों में सुधारों को हरी झंडी मिल सकती है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी।
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सूत्रों के मुताबिक, इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लगी पाबंदियों में कुछ ढील दी जा सकती है। सामान्य कारोबारी खर्चों को भी इनपुट टैक्स क्रेडिट के दायरे में शामिल किए जाने का प्रावधान किया जा सकता है। कारोबारियों को एक ही राज्य में जीएसटी पंजीकरण कराकर पूरे देश में कारोबार करने की अनुमति मिल सकती है।
सरकार का कहना है कि 61% करदाताओं का पंजीकरण बिना अधिकारी के हस्तक्षेप के तीन कार्यदिवस में किया जा रहा है। रिटर्न की प्रक्रिया ऐसी होगी ताकि खरीदार के लेजर में संबंधित बदलाव स्वतः दर्ज हो जाएं। एक तय सीमा से कम मामलों में नोटिस ही जारी नहीं किया जाएगा। रिफंड का दायरा सेवाओं, संयंत्र व मशीनरी पर चुकाए गए कर तक बढ़ाया जाएगा।