37वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी के अंतर्गत टैक्स देने वाले करदाताओं के रजिस्ट्रेशन को आधार से लिंक करने का भी फैसला किया गया है। बैठक में रिफंड का दावा करने के लिए 12 डिजिट यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर को अनिवार्य करने पर भी चर्चा हुई है।
इसके अतिरिक्त काउंसिल ने उस सर्कुलर को भी वापस लेने का फैसला किया जिसमें कंपनी द्वारा डीलर को अतिरिक्त छूट देने पर जीएसटी लगाने का फैसला किया गया था।
इसलिए लिया गया फैसला
काउंसिल ने आधार लिंक करने का फैसला फर्जीवाड़े और गलत रिफंड पर रोक लगाने के लिए लिया है। जीएसटी काउंसिल की बैठक गोवा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई थी, जहां रोजगार देने वाले लघु एवं मध्य उद्योगों को जीएसटी रिटर्न फाइल करने में राहत देने का भी फैसला लिया गया।
आसान होगा जीएसटी रिटर्न का प्रॉसेस
बैठक में जीएसटी रिटर्न का प्रॉसेस आसान बनाने के लिए भी निर्णय लिया गया। इसके लिए अधिकारियों की एक कमिटी गठित की जाएगी। रिटर्न फाइल करने का नया तरीका अप्रैल 2020 से लागू हो जाएगा।
बैठक में लिए गए अन्य फैसले
- कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर कर की दरों में 18 से 28 फीसदी तक की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- बुने और गैर-बुने हुए पॉलीथिन बैग पर जीएसटी की दर 12 फीसदी कर दी गई है।
- हीरा उद्योग पर लगने वाले डायमंड कट टैक्स की दर को पांच फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया गया है।
- आउटडोर कैटरिंग पर लगने वाले टैक्स की दर को 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है।
- प्लास्टिक और पॉलीप्रॉलीन के बोरों पर जीएसटी की दर को 12 फीसदी कर दिया गया है।
- बादाम के दूध पर 18 फीसदी टैक्स लगाया गया है।
- परिषद ने होटल किराये में कमी करने का फैसला लिया। 7500 रुपये और इससे ज्यादा किराये वाले कमरों पर अब कर 18 फीसदी होगा। पहले यह दर 28 फीसदी थी। 1001 रुपये से 7500 रुपये तक के किराये वाले होटल के कमरे पर कर की दर 12 फीसदी होगी। 1000 रुपये तक के किराये पर कोई जीएसटी नहीं देना होगा।
- फूल-पत्तियों और अन्य जैव अनुकूल (बायो फ्रेंडली) वस्तुओं से बनाए जाने वाले कप और प्लेट पर कोई कर नहीं लगेगा। पहले इस पर पांच फीसदी जीएसटी देना होता था।
- चैप्टर 12 के तहत आने वाली वस्तुओं जैसे रेलवे के लिए सप्लाई पर जीएसटी को 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है। यह जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट के बगैर है।
- 10-13 व्यक्ति की क्षमता वाले पेट्रोल मोटर वाहनों पर मुआवजा उपकर एक फीसदी तक कम कर दिया गया है। जबकि, डीजल वाहनों पर इसे घटाकर तीन फीसदी कर दिया गया है। कटौती से पहले, क्षतिपूर्ति उपकर 15 फीसदी था।
- जीएसटी/आईजीएसटी से छूट स्वदेशी रूप से निर्मित न होने वाले विशिष्ट रक्षा सामानों के आयात पर दी जा रही है, इसे केवल साल 2024 तक बढ़ाया जा रहा है। भारत में होने वाले अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप के लिए फीफा और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति भी छूट दी गई है।