त्योहारों में घरेलू बिक्री बढ़ने और अनुपालन में सुधार से जीएसटी संग्रह अक्तूबर, 2024 में सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी बढ़कर छह माह के उच्च स्तर 1,87,346 करोड़ पर पहुंच गया। यह अब तक का दूसरा सर्वाधिक मासिक जीएसटी संग्रह है। इससे पहले अप्रैल, 2024 में सरकार को जीएसटी के जरिये सबसे ज्यादा 2.10 लाख करोड़ की कमाई हुई थी।
बिजली खपत : बढ़कर 140.4 अरब यूनिट
देश में बिजली खपत अक्तूबर में सालाना आधार पर करीब एक फीसदी बढ़कर 140.47 अरब यूनिट पहुंच गई। भारी आधार प्रभाव के कारण खपत में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अक्तूबर, 2023 में बिजली खपत 22 फीसदी से अधिक बढ़कर 139.44 अरब यूनिट पहुंच गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर कई दशकों का सबसे गर्म महीना रहा। पिछले महीने एक दिन में बिजली की अधिकतम मांग अक्तूबर, 2023 के 221.53 गीगावॉट से कम होकर 219.22 गीगावॉट रही। विशेषज्ञों ने कहा, उच्च आधार प्रभाव के कारण बिजली की मांग के साथ खपत में भी मामूली वृद्धि देखी गई। अच्छी वाणिज्यिक व औद्योगिक गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में मांग स्थिर रहेगी।
कर वसूली बढ़ाने में वाहन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका
ईवाई में टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, त्योहारी बिक्री में तेजी से जीएसटी संग्रह बढ़ा है। इसमें वाहन क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। नवंबर के जीएसटी आंकड़े त्योहारी बिक्री की सही तस्वीर बताएंगे।
यूपीआई लेनदेन : पहली बार 23 लाख करोड़ के पार
यूपीआई के जरिये लेनदेन की संख्या अक्तूबर में बढ़कर रिकॉर्ड 16.58 अरब पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से भी इस दौरान 23.5 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। यह पहली बार है, जब यूपीआई लेनदेन ने संख्या के लिहाज से 16 अरब और मूल्य के मोर्चे पर 23 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। इससे पहले संख्या के लिहाज से सितंबर में सर्वाधिक 15.04 अरब यूपीआई लेनदेन हुआ था, जबकि मूल्य के लिहाज से जुलाई में सबसे ज्यादा 20.64 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था। आईएमपीएस लेनदेन मूल्य के लिहाज से 11 फीसदी बढ़कर 6.29 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। संख्या के आधार पर लेनदेन 9 फीसदी की वृदि्ध के साथ 46.7 करोड़ पहुंच गया।फास्टैग लेनदेन भी संख्या व मूल्य के लिहाज से क्रमशः 8 फीसदी एवं 9 फीसदी बढ़ा है।
सबसे ज्यादा वसूली वाले पांच राज्य
संबंधित वीडियो-