सितंबर महीने में सरकार ने 1,47,686 करोड़ रुपये का सकल जीएसटी राजस्व का संग्रह किया है। सितंबर महीने में 1.1 करोड़ रुपये के ई-वे बिल और ई-इन्वॉइस जेनरेट करने की उपलब्धि भी हासिल की गई है। इनमें 72.94 लाख रुपये ई-इनवॉयस और 37.74 लाख ई-वे बिल जारी किए गए।
वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात के साथ घरेलू लेनदेन में वृद्धि के दम पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सितंबर में 26.21 फीसदी बढ़कर 1,47,686 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल सितंबर में सरकार को जीएसटी के रूप में 1,17,060 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। यह लगातार सातवां और कुल मिलाकर आठवां महीना है, जब जीएसटी संग्रह 1.40 लाख करोड़ से अधिक रहा।
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वित्त मंत्रालय के शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के कुल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की 25,271 करोड़ और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की 31,813 करोड़ रुपये हिस्सेदारी रही। एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का 80,464 करोड़ रुपये योगदान रहा। इसमें वस्तुओं के आयात पर जुटाए गए 41,215 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
वस्तुओं के आयात से जुटाई गई 856 करोड़ की राशि के साथ उपकर की हिस्सेदारी 10,137 करोड़ रुपये रही। पिछले महीने वस्तुओं के आयात से जुटाई गई रकम सितंबर, 2021 के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा रही। घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात के साथ) से मिले राजस्व में सालाना आधार पर 22 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
चालू वित्त वर्ष में तीसरा सर्वाधिक संग्रह
चालू वित्त वर्ष में यह तीसरा सर्वाधिक जीएसटी संग्रह है। इससे पहले अप्रैल में सरकार को रिकॉर्ड 1,67,540 करोड़ और जुलाई में 1,48,995 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।