मीडिया निवेश समूह ग्रुपएम ने फरवरी 2025 के अपडेट के साथ टीवाईएनवाई (दिस ईयर नेक्स्ट ईयर) विज्ञापन पूर्वानुमान जारी किया। इसके अनुसार, भारतीय विज्ञापन 2025 में 7% बढ़कर 1,64,137 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इसमें 10,730 करोड़ की बढ़ोतरी का अनुमान है।
टीवाईएनवाई रिपोर्ट के अनुसार 2024 में वैश्विक परिदृश्य में 60 से अधिक देशों में चुनाव हुए, यह शासन और आर्थिक नीतियों में संभावित बदलावों का संकेत देता है। रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकांश उन्नत अर्थव्यवस्थाएं अवस्फीति (Disinflation) का अनुभव कर रही हैं और श्रम बाजार ठंडा पड़ा है, इसका असर मांग पर पड़ रहा है। एआई उद्योगों को फिर से आकार दे रहा है हालांकि, स्टार्टअप फंडिंग की बात करें तो सुधार के संकेतों के बावजूद यह कम है।
भारत एआई मार्केटिंग के क्षेत्र में सबसे आगे
ग्रुपएम साउथ एशिया के सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा, "भारत एआई और डेटा गोपनीयता से संचालित मार्केटिंग क्रांति में सबसे आगे है। वैश्विक विज्ञापन खर्च 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है और भारत शीर्ष 4 विकास बाजार के रूप में उभरा है, जिसमें डिजिटल विज्ञापन का हिस्सा 60% से अधिक है। विज्ञापन के क्षेत्र में व्यक्तिगत जुड़ाव, वाणिज्य-संचालित विपणन और जिम्मेदार नवाचार, मिश्रित वास्तविकता और इमर्सिव टेक के प्रति रुझान बढ़ा है। टीवी अब भी महत्वपूर्ण है, पर हम एआई के जरिए ग्राहक इंटरैक्शन में बदलाव को भी देख सकते हैं। प्रोग्रामेटिक सीटीवी और एएल-संचालित रिटेल मीडिया जैसे उभरते प्रारूपों के उछाल के साथ ब्रांड और दर्शकों के कनेक्शन को फिर से परिभाषित किया जा रहा है। यह सब भारत को आधुनिक विपणन युग में अभूतपूर्व नवाचार और प्रभाव के लिए तैयार कर रहा है।"
कुल विज्ञापन खर्च में डिजिटल और टीवी की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत
ग्रुपएम के मुख्य परिचालन अधिकारी अश्विन पद्मनाभन के अनुसार "भारत के विज्ञापन पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल प्रभुत्व और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव के कारण नया रूप दिया जा रहा है, कुल विज्ञापन खर्च में डिजिटल और टीवी की हिस्सेदारी 86% है, स्ट्रीमिंग टीवी अब कुल टीवी विज्ञापन का 12.6% है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। एसएमई, रियल्टी, शिक्षा, बीएफएसआई और टेक/टेल्को जैसे प्रमुख क्षेत्र विज्ञापन कारोबार में कुल 60% का योगदान करते हैं। आने वाले समय में विज्ञापन लगभग 10% की दर से बढ़ने वाला है, जिससे बाजार का विस्तार और तेज हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ईवी, फिनटेक और गेमिंग से बढ़ता निवेश बाजार की गति को बढ़ा रहा है।
वहीं, ग्रुपएम के बिजनेस इंटेलिजेंस के प्रमुख परवीन शेख ने कहा, "2025 में भारत की जीडीपी 6.5% की दर से बढ़ने का अनुमान है, इसका विज्ञापन बाजार मजबूत बना हुआ है, जो विश्व स्तर पर 9वें नंबर पर है। डिजिटल विज्ञापन खर्च अब 1 लाख करोड़ के करीब है। यह उपलब्धि एआई, वाणिज्य, खुदरा, मीडिया और हाइपर-पर्सनलाइजेशन मार्केटिंग के कारण संभव हुआ है।