Rajeev Chandrashekhar: चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘हमारा मत है कि वर्ष 2024 तक भारत सेमीकंडक्टर चिप के विनिर्माण में कदम रख चुका होगा जिससे अधिक नवाचारी पारिस्थितिकी व घरेलू डिजाइन को प्रोत्साहन मिलेगा। हम स्टार्टअप को वैश्विक दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर आईपी और उपकरणों के विकास के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।’’
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी सर्वर व आईटी हार्डवेयर सेक्टर के लिए जल्द ही ‘उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन’(Production Linked Incentive -पीएलआई) योजना लेकर आएगी।
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चंद्रशेखर ने हैदराबाद में आयोजित ‘वीएलएसआई डिजाइन सम्मेलन 2023’ को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारतीयों की विकसित बौद्धिक संपदा को अपने उत्पादों में आत्मसात करने वाले विनिर्माताओं के लिए भी सरकार अलग से प्रोत्साहन देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार फ्यूचर डिजाइन कार्यक्रम की घोषणा पहले ही कर चुकी है जिसमें स्टार्टअप कंपनियों में 20 करोड़ डॉलर के निवेश का प्रावधान है। भारत में अगली पीढ़ी के एप्लिकेशन के लिए बौद्धिक संपदा (आईपी), टूल्स या उपकरणों के डिजाइन में लगी स्टार्टअप कंपनियां इससे लाभान्वित होंगी।
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चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘हमारा मत है कि वर्ष 2024 तक भारत सेमीकंडक्टर चिप के विनिर्माण में कदम रख चुका होगा जिससे अधिक नवाचारी पारिस्थितिकी व घरेलू डिजाइन को प्रोत्साहन मिलेगा। हम स्टार्टअप को वैश्विक दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर आईपी और उपकरणों के विकास के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि इन उपकरणों और नवोन्मेषी पारिस्थितिकी को बाजार से पूरी मदद सुनिश्चित करने के लिए सरकार जल्द ही आईटी सर्वर और आईटी हार्डवेयर के लिए एक पीएलआई योजना लेकर आएगी। यह मोबाइल फोन क्षेत्र की पीएलआई योजना की ही तर्ज पर होगी।
चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘आईटी क्षेत्र की पीएलआई योजना में हम उन विनिर्माताओं एवं मौलिक उपकरण विनिर्माताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन देंगे जो भारतीय के डिजाइन किए गए आईपी समाधानों को अपनी प्रणालियों और उपकरणों में लागू करेंगे।’’