केंद्र सरकार की ओर से राज्य सभा में बताया गया कि बीती तीन तिमाहियों में किसी भी सरकारी बैंक को घाटा नहीं उठाना पड़ा है यानी उनकी सेहत बेहतर होती गई है। इसके अलावा, सभी सरकारी बैंकों का इस अवधि के दौरान मुनाफा 48,874 करोड़ रुपये रहा।
तगड़े फायदे में रहे सरकारी बैंक
सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही, जुलाई-सितंबर तिमाही और अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान फायदे का ये आंकड़ा इससे पिछले पूरे वित्त वर्ष के दौरान सभी सरकारी बैंकों के कुल मुनाफे से ज्यादा है। 2020-21 में सरकारी बैंकों को कुल मिलाकर 31,820 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। इसके साथ ही सरकार की ओर से बताया गया कि बीते तीन वर्षों में कुल 4.89 लाख करोड़ रुपये की रकम को बट्टा खातों में डाला गया है। वहीं इस मद में वसूली की बात करें तो लगभग 2.44 लाख करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
वित्त राज्य मंत्री ने दी जानकारी
सरकारी बैंकों के द्वारा कमाए गए मुनाफे को लेकर पूछे गए सवाल पर सरकार की ओर से वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने राज्य सभा को दिए एक लिखित जवाब में कहा मौजूदा वित्त वर्ष में दिसंबर 2021 तक कोई भी सरकारी बैंक नुकसान में नहीं है। हालांकि साल 2015-16 से 2019-20 के बीच लगातार 5 सालों तक सरकारी बैंक कुल मिलाकर घाटे में ही रहे थे। सरकारी बैंको का सबसे ज्यादा 85,370 करोड़ रुपये का घाटा साल 2017-18 में दर्ज किया गया।
एबीजी मामले में बोलीं सीतारमण
मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (एबीजीएसएल) द्वारा की गई बैंक धोखाधड़ी में सार्वजनिक क्षेत्र का कोई भी बैंक कर्मचारी शामिल नहीं पाया गया। बता दें कि सीबीआई ने पिछले महीने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वित्त मंत्री ने राज्य सभा को दिए एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।