बारिश से खेत में गिरी गेहूं की फसल
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केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2022-23 में 112.18 करोड़ टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है। सरकार ने फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में 112.18 करोड़ टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान जताया है। कुछ राज्यों में लू के कारण पिछले साल गेहूं का उत्पादन मामूली रूप से घटकर 107.74 करोड़ टन रह गया था।
उन्होंने कहा, 'पिछले दो हफ्तों में खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल को कुछ नुकसान हुआ है। लेकिन यह नुकसान न्यूनतम होगा। हमें 112.2 करोड़ टन के समग्र उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद है। सचिव ने कहा कि मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए गुणवत्ता मानदंडों में ढील दी गई है और केंद्र जल्द ही पंजाब और हरियाणा में गेहूं खरीद के लिए गुणवत्ता मानदंडों में ढील देने पर फैसला करेगा।
राज्य के स्वामित्व वाले एफसीआई और राज्य एजेंसियों की ओर से खरीद पहले ही कई राज्यों में शुरू हो चुकी है। केंद्र ने सोमवार को कहा कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में हाल की असामयिक बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की लगभग 8-10 प्रतिशत फसल को नुकसान होने का अनुमान है, लेकिन देर से बोए गए क्षेत्रों में बेहतर उपज संभावनाओं से उत्पादन नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद है। हाल के खराब मौसम के बावजूद कृषि आयुक्त पीके सिंह ने कहा था कि मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार इस साल देश का कुल गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 112.2 करोड़ टन तक पहुंच जाएगा।