सरकार आंकड़ों के अनुसार देश का समग्र व्यापार घाटा जून 2025 में घटकर 3.51 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं कुल निर्यात बढ़कर 67.98 अरब डॉलर हो गया। इसे प्रमुख वैश्विक बाजारों में मजबूत मांग और सेवा क्षेत्र की वृद्धि से सहायता मिली है।
भारत का समग्र व्यापार घाटा (माल और सेवाएं) जून 2025 में घटकर 3.51 अरब डॉलर तक कम हो गया। यह जून 2024 में 7.30 अरब डॉलर से कम है। निर्यात साल-दर-साल आधार पर आयात से आगे निकल गया। मंगलवार को सरकारी आंकड़ों यह जानकारी मिली। व्यापार घाटे में गिरावट मजबूत निर्यात प्रदर्शन को दर्शाती है। इसे प्रमुख वैश्विक बाजारों में लचीली मांग और मजबूत सेवा क्षेत्र की वृद्धि से सहायता मिली है।
निर्यात बढ़कर 67.98 डॉलर पहुंचा
आंकड़ों से पता चलता है कि कुल निर्यात जून 2025 में बढ़कर 67.98 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 63.83 अरब डॉलर था। यह लगभग 6.5 प्रतिशत की वृद्धि है।
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आयात में हुई मामूली वृद्धि
इस बीच, समग्र आयात में भी मामूली वृद्धि देखी गई। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 71.14 अरब डॉलर की तुलना में जून 2025 में 71.50 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह स्थिर घरेलू मांग और वैश्विक कमोडिटी कीमतों में नरमी का संकेत देता है। बेहतर व्यापार संतुलन भारत की चालू खाता स्थिति और व्यापक आर्थिक बुनियादी बातों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
मई 2025 में व्यापार घाटे में आई गिरावट
मई 2025 में देश का व्यापार घाटा भी घटकर 6.62 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 9.35 अरब डॉलर था। मई में भारत का कुल निर्यात 71.12 अरब डॉलर रहा, जो वार्षिक आधार पर 2.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मई 2024 में यह 69.20 अरब डॉलर था।
निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए महत्वपूर्ण कदम
निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों में इलेक्ट्रॉनिक सामान, दूरसंचार, ईवी बैटरी आदि सहित 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शामिल है। इन योजनाओं ने भारत के निर्यात में वृद्धि करने, भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, निवेश आकर्षित करने, निर्यात बढ़ाने, भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026 में एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।