Semicon India 2025: सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम में बोलते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि सरकार बड़ी घरेलू कंपनियों को समर्थन देने के लिए डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) के तहत लाभों का विस्तार करने के साथ-साथ इसके तहत प्रदान किए जाने वाले अनुदान को बढ़ाने पर विचार कर रही है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
देश में चल रही महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उत्पादन परियोजनाओं को केंद्र और राज्यों से प्रोत्साहन के रूप में परियोजना की कुल लागत का 70 प्रतिशत तक मिलना जारी रह सकता है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह दावा किया।
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सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम में बोलते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि सरकार बड़ी घरेलू कंपनियों को समर्थन देने के लिए डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) के तहत लाभों का विस्तार करने के साथ-साथ इसके तहत प्रदान किए जाने वाले अनुदान को बढ़ाने पर विचार कर रही है।
कृष्णन ने कहा कि भारत द्वारा सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए दिया जा रहा समर्थन अभूतपूर्व है और लगभग 30 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रोत्साहन तथा अन्य लाभ क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्र सरकार 50 प्रतिशत पूंजीगत सहायता दे रही है, जबकि राज्य सरकार कुल परियोजना लागत का लगभग 20 प्रतिशत प्रोत्साहन देती है।
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कृष्णन ने कहा, "इतने वर्षों में मैंने कभी भी औद्योगिक नीति समर्थन जितना उदार कार्यक्रम नहीं देखा, जो किसी विशेष परियोजना की लागत का लगभग 70 प्रतिशत होता है। यह 70 प्रतिशत समतुल्य आधार पर वितरित किया जाता है... इस स्तर की सहायता निश्चित रूप से कुछ क्षेत्रों के लिए जारी रहेगी, जो महत्वपूर्ण और महत्त्वपूर्ण हैं।" उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, फैब्स, डिस्प्ले फैब्स आदि देश के लिए महत्वपूर्ण हैं।