केंद्र सरकार अब भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने जा रही है। सरकार जल्द ही ऐसा एक कानून लेकर के आ रही है, जिससे बैंकों को चूना लगाकर विदेश भागने वाले लोगों पर लगाम लग सकेगी। ऐसे लोग चाहकर भी विदेश में बस नहीं सकेंगे और इनको पकड़ के लाया जा सकेगा।
यह होगा बदलाव
सरकार दोहरी नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अब लोन लेकर विदेश भागना और बसना भी मुश्किल होगा। डिफॉल्टर को अब विदेश जाने की अनुमति लेनी होगी। आर्थिक अपराधियों के विदेश जाने पर रोक भी लगने की संभावना है।
आसानी से नहीं मिलेगी नागरिकता
सरकार की दोहरी नागरिकता के नियमों में बदलाव की तैयारी है। जिसके तहत दूसरे देशों की नागरिकता लेने पर सख्ती होगी। इसके लिए पासपोर्ट नियमों में बदलाव की भी तैयारी है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय में बैंकिंग सचिव ने बैठक की है।
इस उच्चस्तरीय समिति के अन्य सदस्यों में प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो, खुफिया ब्यूरो और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी समिति का हिस्सा हैं। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा प्रणाली में किसी डिफॉल्टर को अपराधी घोषित करने में काफी समय लगता है। ऐसे में समिति ऐसे तरीकों पर विचार कर रही है ताकि ऐसे मामलों में पहले से सतर्क किया जाएगा।
पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर का घोटाला सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेने वालों के पासपोर्ट का ब्योरा जुटाने को कहा था। इस घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी देश से भाग चुके हैं। शराब कारोबारी विजय माल्या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गया था। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस अपना कर्ज चुकाने में विफल रही थी।